थल (पिथौरागढ़)। दस साल पहले रामगंगा से मुवानी में खेतों की सिंचाई के लिए 68 लाख रुपये की लागत से तैयार लिफ्ट सिंचाई योजना से पानी नहीं चलता। विभाग के अधिकारी वर्ष में एक-दो दिन पानी चलाकर इस योजना को कागजों में चालू हालत में दिखा देते हैं, जबकि हकीकत यह है कि इसमें अन्य समय पानी की बूंद नहीं टपकती। इस योजना को गोबराड़ी-मुवानी नहर के सहयोगी के तौर पर तैयार किया था, ताकि किसी कारणवश यदि नहर में पानी न चले तो लोगों के खेतों को लिफ्ट योजना का पानी मिलता रहे।
बताया गया कि रामगंगा में पर्याप्त पानी की उपलब्धता को देखते हुए लघु सिंचाई विभाग ने वर्ष 2007 में लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण किया था। निर्माण होने के दिन से ही यह योजना ठप हो गई। बीच-बीच में मरम्मत के नाम पर इस नहर में एक-दो दिन पानी चला दिया जाता है, उसके बाद वर्षभर यह योजना ठप रहती है। मुवानी विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश बम ने कहा कि विभाग के अधिकारी अब फोन भी नहीं उठाते।
उन्होंने किसानों की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में पानी की किल्लत है और चार हजार नाली जमीन तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता बीडी कांडपाल का कहना है कि इस योजना की मरम्मत का प्रस्ताव प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में रखा गया है। पंपों में खराबी आने के कारण पानी लिफ्ट नहीं हो पा रहा है।