पिथौरागढ़। सीमांत जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़े सुधार की तैयारी है। पिथौरागढ़ बेस अस्पताल में 50 बेड की क्षमता वाली अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) का निर्माण कार्य तेज गति पर चल रहा है। इस यूनिट के शुरू होने से न केवल पिथौरागढ़, बल्कि आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को भी स्थानीय स्तर पर जीवनदान मिल सकेगा।
अब तक लीवर, किडनी से संबंधित गंभीर रोगों और सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर उपचार के लिए हल्द्वानी या बरेली जैसे दूरस्थ शहरों की दौड़ लगानी पड़ती थी। अक्सर रास्ते में लगने वाले लंबे समय के कारण मरीजों की जान पर बन आती थी।
इससे के संचालन से दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के तुरंत बाद का समय) में इलाज मिल सकेगा। साथ ही यूनिट में वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम जैसे आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। इससे गंभीर मरीजों के तीमारदारों को बाहर के महंगे इलाज और भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी।
विशेषज्ञों की नियुक्ति है बड़ी चुनौती
यूनिट का बुनियादी ढांचा तैयार करना जितना महत्वपूर्ण है उससे कहीं बड़ी चुनौती विशेषज्ञ चिकित्सकों और तकनीशियनों की तैनाती है। वर्तमान में बेस अस्पताल के ही कई विभागों में विशेषज्ञों के पद रिक्त हैं। ऐसे में सीसीयू को सुचारू रूप से चलाने के लिए अनुभवी फैकल्टी और पैरामेडिकल स्टाफ जुटाना चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए एक कठिन कार्य बना हुआ है।
कोट
- बेस अस्पताल में सीसीयू के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसके शुरू होने पर गंभीर रूप से घायलों और आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को जनपद में ही बेहतर उपचार मिल सकेगा। - डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़
- सीसीयू का कार्य चल रहा है, जिसका जनपद के लोगों को भविष्य में काफी फायदा मिलेगा। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़