आपदा की दृष्टि से संवेदनशील धारचूला तहसील क्षेत्र में 43 घंटे तक बाद बिजली सप्लाई सुचारु हुई। बताया गया कि रमतोली के पास पीएमजीएसवाई के तहत बन रही रोड की कटिंग के दौरान बिजली के एक टावर की जड़ को ही खोद दिया था। बुधवार अपरान्ह चार बजे यह टावर गिर गया। तब से धारचूला की बिजली सप्लाई ठप हो गई। शुक्रवार सुबह 11 बजे यहां की बिजली सप्लाई सामान्य हो पाई। विद्युत विभाग ने पीएमजीएसवाई के खिलाफ इस लापरवाही को लेकर रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर दी थी, लेकिन ऊपरी दबाव के कारण यह फैसला वापस लेना पड़ा।
विद्युत विभाग के जेई पूरन चंद ने बताया कि टावर को नए सिरे से खड़ा करना पड़ा था। उन्होंने बताया तेज बारिश के बावजूद यूपीसीएल के आधा दर्जन कर्मचारियों ने रात के 11 बजे तक सोलर लैंप जलाकर टावर को खड़ा करने का काम किया। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवधान के कारणों की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। यहां बता दें कि पिछले दिनों पीएमजीएसवाई ने पांगला में सड़क निर्माण के दौरान 750 मीटर पाइप लाइन को ध्वस्त कर दिया था।
इस कारण धारचूला नगर की 30 हजार आबादी को 15 दिनों तक पेयजल का संकट झेलना पड़ा। भाजपा नेता ओमप्रकाश कापड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र होने का सत्ताधारी ठेकेदार खूब लाभ उठाते रहते हैं। कांग्रेसियों को जनता की समस्या से कोई लेना देना नहीं है।
धरमघर की बिजली सप्लाई ठप
धरमघर/बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। धरमघर बाजार में लगा ट्रांसफार्मर फुंकने से तीन दिन से धरमघर बाजार, धूरा गांव की बिजली सप्लाई ठप है। 13 जुलाई को ट्रांसफार्मर में आकाशीय बिजली गिर गई थी। बिजली न होने से टेलीफोन एक्सचेंज ठप पड़ा है। बैंकों में कामकाज नहीं हो पा रहा है। लोगों के मोबाइल फोन की बैटरी समाप्त हो चुकी है। लोगों में अव्यवस्था को लेकर भारी गुस्सा है।