बारिश के रौद्ररूप को देखते हुए बंगापानी के घरूड़ी के मवानी दवानी के लोगों ने इस तरह गुजारी रात। स?
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धारचूला (पिथौरागढ़)। काली और गोरी नदी के संगम तट पर लगातार हो रही बारिश के कारण बढ़ रहे नदियों के जलस्तर के चलते कई परिवारों ने जागकर रात बिताई। काली नदी का जल स्तर चेतावनी निशान के पार पहुंच गया है। काली नदी का जल स्तर 889.20 मीटर पर बह रहा है। चेतावनी स्तर 889 मीटर है जबकि नदी का खतरे का निशान 890 मीटर है। जल स्तर चेतावनी के निशान से ऊपर बहने से नदी किनारे बसे मकानों को खतरा बरकरार है। सरयू नदी भी चेतावनी के निशान से ऊपर बह रही है।
जौलजीबी मेला स्थल तक काली नदी का पानी पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल है। जौलजीबी व्यापार संघ अध्यक्ष धीरेंद्र धर्मशक्तू ने बताया कि गोरी नदी किनारे तटबंध के पास करीब 400 परिवार रहते हैं, जिन्होंने सोमवार की रात जागकर बिताई है। ग्रामीणों को जान-माल का खतरा बना है। कई बार सिंचाई विभाग को मेला स्थल किनारे सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। स्थानीय हरीश ओझा, दानी भंडारी, ललित जोशी, शकुंतला दताल ने भी सुरक्षा दीवार न बनाने पर नाराजगी जताई है। सोमवार को बागड़ीहाट-लखनपुर में सड़क बंद होने से फंसे यात्रियों के व्यापार संघ अध्यक्ष धीरेंद्र ने पंचायत घर और बाढ़ राहत गृह में यात्रियों के लिए रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की। धीरेंद्र ने बताया कि सोमवार रात सात लोगों ने पंचायत घर और कुछ लोगों ने अपनी ही गाड़ियों में रात बिताई। यात्रियों ने सहयोग के लिए व्यापार संघ अध्यक्ष का आभार जताया।
घरुड़ी में लोगों ने दहशत में बिताई रात
बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी तहसील के ग्राम सभा मवानी-दवानी के तोक घुरुड़ी वासियों ने एक जगह बैठ कर रात गुजारी। लगातार हो रही बारिश से उनके मकानों को खतरा हो गया है। वहीं निजी संसाधनों से ग्रामीणों ने गोरी नदी में ट्रॉली लगाई थी, वह भी बह गई। इससे ग्रामीणों के लिए संपर्क अन्य क्षेत्रों से पूरी तरह कट गया है। गांव तक जरूरी सामान लाने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ेगी।