पिथौरागढ़। सीमांत जिले में आजीविका योजना महिलाओं के स्वरोजगार का जरिया बनी है। विण विकासखंड में 3041 महिलाओं ने योजना से जुड़कर स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ाया है। स्वरोजगार से एक महिला महीने में औसतन 12 से 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही है।
आजीविका योजना के तहत विण विकासखंड में स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 3041 महिलाओं के 478 समूहों का गठन किया गया। प्रथम चरण में रोजगार की शुरुआत करने के लिए हर समूह को छह महीने में 25,000 रुपये रिवाॅल्यूट फंड के साथ डेढ़ लाख की धनराशि दी गई। महिलाओं को योजना खूब भाई और उन्होंने सब्जी, दुग्ध उत्पादन के साथ स्थानीय उत्पादों की खरीद, मसाला पैकेजिंग बिक्री, सिलाई, उद्योग शुरू किया। बेहतर परिणाम सामने आए और स्वरोजगार से जुड़कर हर महिला महीने में औसतन 12 से 15 हजार रुपये कमा रही है। आत्मनिर्भरता की तरफ महिलाओं के बढ़ते कदम देख विभाग में भी खुशी है। संवाद
समूह को मिली तीन लाख रुपये की लिमिट
पिथौरागढ़। योजना के तहत स्वरोजगार शुरू करने के बाद प्रत्येक समूह की लिमिट तीन लाख रुपये की गई। अधिकारियों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर महिलाएं लिमिट से धनराशि निकालकर इसका उपयोग स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए कर सकती हैं। वहीं रोजगार शुरू होने के बाद में रिवॉल्यूट फंड को बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये किया जाता है।
कोट
आजीविका योजना के तहत महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं जो गौरव की बात है। इस वर्ष 10 महिला समूह बनाने का लक्ष्य तय था लेकिन 20 समूह बनाकर अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। योजना से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। - नवीन जोशी, खंड विकास अधिकारी, विण, पिथौरागढ़।