पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की बहुप्रतीक्षित थरकोट झील का निर्माण जल्दी होगा। झील के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी है। झील के निर्माण पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पिथौरागढ़-घाट मोटर मार्ग में स्थित थरकोट झील के निर्माण की मांग बहुत पुरानी है। वर्ष 1989 में तत्कालीन उप ब्लाक प्रमुुख राजेंद्र भट्ट के प्रयासों से यह झील प्रस्तावित हुई थी। झील निर्माण के लिए वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश सरकार से 14.95 हजार रुपये स्वीकृत हुए। पृथक राज्य बनने के बाद यूपी सरकार ने यह धनराशि वापस मंगा ली।
इसके बाद भी क्षेत्रवासियों ने लड़ाई जारी रखी। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2006 में फिर से झील को स्वीकृति मिली। तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की सरकार में झील के लिए पांच हजार टोकन मनी मिली। इसके बाद वर्षों तक यह मामला लंबित रहा। भाजपा सरकार के गठन के बाद वर्ष 2007 में झील का शिलान्यास किया, लेकिन शिलान्यास के बाद यह कवायद आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद लंबे समय तक मामला ठंडे बस्ते में रहा।
क्षेत्रवासियों ने लगातार मांग जारी रखी। अब शासन से हरी झंडी मिलने के बाद झील के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। शासन से झील निर्माण और मुआवजे में लगभग 20.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूर्व उप प्रमुख राजेंद्र भट्ट, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट ने पेयजल मंत्री प्रकाश पंत का आभार जताया है। झील निर्माण की कवायद शुरू होने पर क्षेत्रवासियों में खुशी व्याप्त है। थरकोट झील के निर्माण से पेयजल की समस्या का समाधान होने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।