पिथौरागढ़। नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) अब वन संपदा की रक्षा, वन्यजीवों का अवैध शिकार रोकने का काम भी करेगी। एसएसबी इसके लिए अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करेगी और संयुक्त रणनीति तैयार करेगी। इस संबंध में शुक्रवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डा. हर्षवर्धन की उपस्थिति में सेमिनार भी हुआ। सेमिनार में एसएसबी की महानिदेशक अर्चना रामासुंदरम भी मौजूद रहीं।
एसएसबी 55वीं वाहिनी के उपसेनानी माधव चंद्र घोष ने बताया कि हिमालयी क्षेत्रों में कई प्रकार के वन्य जीव, अभयारण्य, वन्य संपदा मिलती है। इनका अवैध दोहन रोकने के लिए एसएसबी वन विभाग के साथ मिलकर प्रयास कर रही है। अब इस काम को ज्यादा विस्तार देने की योजना है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में शुक्रवार को हुए सेमिनार में वन्य संपदा की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने पर चर्चा हुई।
आने वाले समय में वन्य संपदा की रक्षा में एसएसबी की भूमिका ज्यादा अहम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि एसएसबी केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करते हुए भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की रक्षा में लगी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षा तथा देशप्रेम के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।