पिथौरागढ़। जिले की साढ़े पांच लाख की आबादी को अभी मांग की तुलना में 50 फीसदी ही पानी मिल रहा है। हालात ये हैं कि जिले की 25 योजनाएं समस्याग्रस्त हैं। प्राकृतिक स्रोतों, नौलों, धारों के डिस्चार्ज में 30 से 90 फीसदी तक कमी आई है। मार्च में ये हालात हैं तो मई-जून में समस्या और गहराने के आसार हैं। पेयजल संकट के इतर समस्या से निपटने की सरकारी तैयारी नाकाफी नजर आती है। प्रभावित इलाकों में आपूर्ति के लिए टैंकर आदि राहत के फौरी इंतजाम भी नाकाफी साबित हो सकते हैं।
जिले में पिथौरागढ़ से लेकर मूनाकोट, कनालीछीना, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट, धारचूला सर्वाधिक समस्याग्रस्त क्षेत्र हैं। यहां न्यूनतम आपूर्ति के मानक के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। हालात यह हैं इन क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 46 लीटर से 72 लीटर प्रतिदिन पानी की ही आपूर्ति हो पा रही है। पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, कनालीछीना से लेकर डीडीहाट, धारचूला, बेड़ीनाग नगर योजनाओं में मई-जून में पानी के लिए हाहाकार मच सकता है।
दूसरी ओर पिथौरागढ़ डिवीजन के ग्रामीण इलाकों की 203 योजनाओं और डीडीहाट डिवीजन की 292 योजनाओं के जलस्तर में 30 से 90 फीसदी तक गिरावट आई है। सरकारी पेयजल योजनाओं के अलावा प्राकृतिक स्रोतों, नौलों, धारों का डिस्चार्ज भी लगातार कम हो रहा है। लोग अभी से नौलों, धारों से पानी का वैकल्पिक इंतजाम कर रहे हैं। गर्मियों में बारिश कम हुई तो हालात और विकट हो सकते हैं।
दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में समस्या
जिले में नगरीय योजनाओं के अलावा जल संस्थान 498 छोटी-बड़ी योजनाओं के जरिये 853 ग्रामों में आपूर्ति कर रहा है। ग्रामीण पेयजल योजनाओं की स्थिति भी गर्मियों में बिगड़ सकती है। इनमें से 25 योजनाएं पहले से ही समस्याग्रस्त हैं। मार्च में ही पेयजल योजनाओं के स्रोतों के डिस्चार्ज में कमी आई है। मार्च में पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं, पेयजल समस्या होने पर कई ग्रामीण इलाकों तक जल संस्थान के टैंकर और पिकअप वाहन नहीं पहुंच सकते। ऐसे में प्रभावित ग्रामीण इलाकों में मई-जून में हालात और खराब हो सकते हैं।
नगरीय पेयजल योजनाओं की स्थिति
पेयजल योजना मांग सामान्य आपूर्ति ग्रीष्म आपूर्ति
पिथौरागढ़ 12 एमएलडी 6.600 एमएलडी 6.500 एमएलडी
गंगोलीहाट 1.398 एमएलडी 0.635 एमएलडी 6.00 एमएलडी
बेड़ीनाग 1.150 एमएलडी 0.250 एमएलडी 0.245 एमएलडी
डीडीहाट 0.920 एमएलडी 0.750 एमएलडी 0.690 एमएलडी
गर्मियों में पेयजल समस्या से प्रभावित इलाकों को चिन्हित कर लिया गया है। इन इलाकों में जल संस्थान अपने और किराए के टैंकरों, पिकअप वाहनों से वैकल्पिक आपूर्ति करेगा। पेयजल योजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर ध्यान दिया जा रहा है। लाइन लॉस को भी कम करने की कोशिश की जा रही है। -डीके मिश्रा, जीएम, जल संस्थान
जल निगम से पेयजल योजनाओं पर तेजी से काम करने को कहा गया है। मई-जून से पहले कुछ नई योजनाएं मिलने से आपूर्ति की समस्या कुछ हद तक दूर होगी। जल संस्थान से लाइन लॉस कम करने और क्षतिग्रस्त लाइनें जल्द बदलने को कहा है। जनता से पानी की बर्बादी न करने की अपील की जा रही है। -सी रविशंकर, डीएम, पिथौरागढ़