पिथौरागढ़। बिक्री कर विभाग की ओर से नगरपालिका हाल में बुलाई गई व्यापारियों की बैठक में जीएसटी के प्रावधानों को लेकर करीब चार घंटे तक चर्चा हुई, लेकिन अब भी व्यापारियों में असमंजस बरकरार है। जिन व्यापारियों के पास पुराना स्टाक है, उसमें जीएसटी कैसे लगेगा। गोदाम से दुकान तक सामान लाने के दौरान यदि चेकिंग होती है तो उसका क्या समाधान होगा। सामान और भाड़े में टैक्स किस तरह लागू होगा, यह सारे सवाल बैठक में उठाए गए, लेकिन अब भी व्यापारियों की शंकाओं का कोई समाधान नहीं हो पाया है। बिक्री कर विभाग के अधिकारी भी स्पष्ट रूप से व्यापारियों को समझा पाने में असफल रहे।
बिक्री कर विभाग के सहायक आयुक्त केके जोशी की ओर से बुलाई गई इस बैठक में एक माह बाद भी जीएसटी को लेकर सारी स्थितियां स्पष्ट न होने का सवाल व्यापारियों की ओर से उठाया गया। व्यापारियों ने कहा कि अभी छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यवसायी असमंजस में हैं। जीएसटी का पंजीकरण तो अधिकांश व्यापारियों ने कर दिया है, लेकिन अब टैक्स भरने की समस्या सामने आ रही है। छोटे व्यापारी इस बात को लेकर आशंकित हैं कि कहीं इस बहाने उनका उत्पीड़न न होने लग जाए। बड़े व्यापारियों में इस बात की आशंका है कि गोदाम से दुकान तक सामान लाते समय ही यदि किसी अधिकारी ने चेकिंग कर ली तो क्या होगा, क्योंकि गोदाम में जो सामान रखा रहेगा, उसमें जीएसटी का पहले ही भुगतान कर दिया जाता है।
उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पवन कुमार जोशी ने कहा कि जीएसटी के मुद्दे पर अभी सभी व्यापारियों की शंकाएं दूर नहीं हुई हैं। इसलिए एक बार फिर से बैठक होगी और उसमें इन शंकाओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि जीएसटी को लेकर व्यापारियों का संशय दूर करने का प्रयास करें। बैठक में नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर, व्यापारी नेता जनक जोशी, दिनेश कापड़ी आदि व्यापारी मौजूद थे।