राज्य आंदोलनकारी रणजीत विश्वकर्मा का निधन
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। राज्य आंदोलनकारी रणजीत विश्वकर्मा का हल्द्वानी के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह किडनी और शुगर की बीमारी के कारण पिछले तीन वर्ष से इलाज करा रहे थे।
वह उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्यों में से थे। मुनस्यारी के गांधीनगर गांव निवासी स्वाधीनता सेनानी नरी राम के बेटे रणजीत विश्वकर्मा ने राज्य आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। उनका शव बुधवार को उनके गांव लाया जाएगा और मदकोट में गोरी के तट पर अंतिम संस्कार होगा। स्व. विश्वकर्मा अविवाहित थे।
उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी, भाजपा नेता जगत मर्तोलिया, प्रयाग सिंह पालीवाल, रुद्र सिंह पंडा, शिल्पी विकास समिति के अध्यक्ष डा. दुर्गा प्रसाद, कांग्रेसी नेता तारा पांगती, हीरा सिंह चिराल आदि ने कहा कि स्व. विश्वकर्मा समाज के गरीब तबके के बारे में सोचते थे।