पिथौरागढ़। नवनिर्मित आंवलाघाट योजना के निर्माण और संचालन में लापरवाही बरतने वाले पेयजल निगम अल्मोड़ा की यांत्रिक शाखा के ईई और एई पर गाज गिर गई है। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने दोनों अभियंताओं को सस्पेंड कर दिया है।
बुधवार रात पिथौरागढ़ लोनिवि विश्राम गृह में आंवलाघाट योजना की समीक्षा के दौरान पेयजल मंत्री ने अभियंताओं के निलंबन के आदेश जारी किए। निलंबित होने वालों में पेयजल निगम अल्मोड़ा की यांत्रिक शाखा के ईई योगेश कुमार और एई थान सिंह रौतेला हैं। पेयजल मंत्री ने नवनिर्मित आंवलाघाट योजना के संचालन को लेकर उठ रहे सवाल और इस संबंध में पिथौरागढ़ डीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन का फैसला किया। निलंबन के साथ ही ईई को निगम मुख्यालय देहरादून और एई को मुख्य अभियंता (कुमाऊं) हल्द्वानी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
बता दें कि पेयजल संकट के बीच इसी वर्ष 14 अप्रैल को पिथौरागढ़ में सीएम ने नवनिर्मित आंवलाघाट पेयजल योजना का शुभारंभ किया था। लेकिन शुभांरभ के बाद भी क्षेत्रवासियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया। अभी भी इस योजना के जरिये क्षेत्रवासियों को पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई है। शुभारंभ के बाद भी पेयजल आपूर्ति न होने से योजना को लेकर सवाल उठ रहे थे।
इस पर पेयजल मंत्री ने डीएम को योजना की जांच के निर्देश दिए थे। इस क्रम में डीएम ने पिछलों दिनों आंवलाघाट योजना का निरीक्षण किया था। उनके निरीक्षण के दौरान योजना के निर्माण और संचालन से जुड़ी खामियां सामने आई। इस बीच पिथौरागढ़ के दौरे पर आए पेयजल मंत्री ने बुधवार रात लोनिवि विश्राम गृह में योजना की समीक्षा के साथ ही डीएम की रिपोर्ट देखी। इस रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने पेयजल निगम यांत्रिक शाखा के ईई और एई को सस्पेंड कर दिया।
अमर उजाला ने पेयजल योजना पर उठाए थे सवाल
अमर उजाला ने नवनिर्मित आंवलाघाट योजना के शुभारंभ के बाद भी पेयजल आपूर्ति सुचारू न होने पर सवाल उठाए थे। सीएम के शुभारंभ के बाद कई दिनों तक आंवलाघाट योजना का पानी क्षेत्रवासियों को नहीं मिला। इस संबंध में अमर उजाला ने लगातार रिपोर्ट प्रकाशित की। अमर उजाला की रिपोर्ट के बाद पेयजल मंत्री ने मामले का संज्ञान लिया। लगातार उठते सवालों के बीच ही पेयजल मंत्री ने डीएम को योजना की जांच के निर्देश दिए थे। आखिरकार जांच के बाद साफ हुआ कि योजना के निर्माण और संचालन में लापरवाही बरती गई। इसका खामियाजा अभी भी पिथौरागढ़ की जनता भुगत रही है। पेयजल मंत्री का कहना है कि जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर लापरवाही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी।