धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में 10 हजार फीट से ऊपर की चोटियों पर इस सीजन का पहला हिमपात हुआ है। पंचाचूली ग्लेशियर, ओम पर्वत, आदि कैलाश की चोटियों पर बर्फबारी होने से सोमवार को सीमांत जिले में मौसम सुहावना रहा। सुबह कुछ देर के लिए धूप निकली लेकिन इसके बाद बादल छाए रहे। बारिश के दौरान मलबा और बोल्डर गिरने से ग्रामीण क्षेत्र की 19 सड़कें बंद चल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र की बांसबगड़-कोटा पंद्रहपाला, खेला-गर्गुवा, पौड़ी-घटकूना, एलागाड़-जुम्मा, मदकोट-तोमिक, बंगापानी-जाराजिबली, छिरकिला-जम्कू, कालिका-खुमती, नाचनी-भैंसकोट सड़कें बंद हैं।
इनके अलावा होकरा-नामिक, डीडीहाट-आदीचौरा-हुनेरा, मदकोट-बोना, बांसबगड़-धामीगांव, रांथी-बोरा गांव, झूलाघाट-बलतड़ी, ड्योरा-बारमो, मालाकोट-लोध, मुनस्यारी-नाचनी-पांगर, कोटा कांडाधूरा-मुनस्यारी सड़कें मलबा, बोल्डर आने से बंद चल रही हैं। लंबे समय से सड़कों पर आवाजाही ठप रहने से लोग परेशान हैं।
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कई जगहों पर ध्वस्त है नाचनी-भैंसकोट सड़क
नाचनी में भारी बारिश से पिछले दो सप्ताह से दस किमी लंबी नाचनी-भैंसकोट सड़क बंद होने से चार गांव मल्ला भैंसकोट, चामी भैंसकोट, बासानी और घोरगाड़ी की 2000 की आबादी परेशान हैं। विभाग की ओर से सड़क खोलने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाने से ग्रामीणों में रोष है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य खुशाल सिंह शाही ने बताया कि कई जगहों पर सड़क का नामोनिशान नहीं है। विभाग ने एक दिन जेसीबी भेजी लेकिन सड़क खोलने में नाकाम रही। ग्रामीण रोजमर्रा की सामग्री पैदल पीठ पर लादकर ले जा रहे हैं।स्कूली बच्चों को खराब रास्ते में गिरते पड़ते आवागमन करना पड़ रहा है। भैंसकोट संघर्ष समिति के अध्यक्ष खड़क सिंह राठौर ने शीघ्र सड़क नहीं खोलने पर विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
सड़क खोलने के लिए जेसीबी भेजी थी। कई जगहों पर सड़क ध्वस्त है। दो दिन के अंदर पोकलेन की व्यवस्था कर सड़क खोलने का कार्य किया जाएगा।
- शिवम रावत, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई धारचूला