जौलजीबी में महाकाली में बने अंतरराष्ट्रीय झूलापुल से लोगों का आवागमन पूरे 19 घंटे तक बंद रहा। नेपाल सरकार ने पहले किए गए ऐलान के अनुसार मंगलवार को शाम आठ बजे से पुल से आवागमन बंद कर दिया था। बुधवार सुबह भारत और नेपाल की तरफ से बड़ी संख्या में लोग पुल से आरपार जाने के लिए खड़े रहे लेकिन पुल न खुलने से लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। स्थानीय व्यापारियों तथा मेले में सामान लेकर पहुंचे बाहर के व्यापारियों ने एसडीएम पारितोष वर्मा से आग्रह किया कि पुल को फिर से खोला जाए। क्योंकि जौलजीबी में व्यापारिक गतिविधियां 27 नवंबर तक जारी रहने की उम्मीद है। एसडीएम ने नेपाल के अधिकारियों से बात की और अपनी तरफ से अपराह्न 1.30 बजे पुल से आवागमन शुरू करने के आदेश दे दिए। भारतीय क्षेत्र से जितने लोग पुल से नेपाल की तरफ पहुंचे उनको नेपाल पुलिस के जवानों ने रोक दिया। करीब डेढ़ घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। बाद में लोगों की परेशानी को देखते हुए नेपाल पुलिस ने अपराह्न तीन बजे पुल से आवागमन शुरू कर दिया।
इधर, अधिकारियों ने बताया कि नेपाल के प्रशासनिक अधिकारियों ने मेले को देखते हुए पुल को 27 नवंबर तक चालू रखने की अनुमति दे दी है लेकिन यह भी कहा है कि पुल से छोटे बच्चों को अकेले न जाने दिया जाए। इसकी वजह यह है कि पुल जमीन की सतह से 60 मीटर की ऊंचाई पर बना है और इसकी लंबाई 340 मीटर है। पुल लोगों के चलने में हिचकोले खाने लगता है। नेपाल सरकार ने पुल को मेले को देखते हुए खोल तो दिया था लेकिन अभी इसका तकनीकी टीम ने सर्वे नहीं किया है। ठेकेदार ने पुल को हैंडओवर भी नहीं किया है।