पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल बुधवार को चीन के तकलाकोट में प्रवेश करेगा। दूसरे दल के यात्री बुधवार को नाभि विश्राम करेंगे। पहले दल में 58 यात्री शामिल हैं। सभी यात्री कैलाश दर्शन को लेकर बेहद उत्सुक और रोमांचित हैं। आईटीबीपी का सुरक्षा दस्ता, चिकित्सकीय टीम यात्रियों को सकुशल चीनी सुरक्षा बलों को सौंप कर वापस लौट आएगा।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार पहले दल के यात्री मंगलवार सुबह कालापानी से करीब 10 किमी की दुर्गम यात्रा पार कर नाभीढांग पहुंचे। बुधवार तड़के यात्री हिमवीर कमांडो दस्ता, संचार और चिकित्सकीय टीम के साथ करीब 12 किमी की यात्रा तय कर लिपुपास होते हुए तकलाकोट पहुंचेंगे। यहां आईटीबीपी का सुरक्षा दस्ता यात्रियों को चीनी सुरक्षा बलों को सौंपेगा। रात्रि विश्राम कर यात्री बृहस्पतिवार को तड़के चीनी सुरक्षा बलों के साथ आगे की यात्रा पूरी करेंगे।
दूसरे दल के यात्री बुधवार को नाभि गांव में विश्राम करेंगे। यात्रियों को पहली बार कैलाश यात्रा के दौरान नाभि गांव में विश्राम कराया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र के वातावरण को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिले। यात्री मानसरोवर वन में पौध रोपण करेंगे। नाभी से वापसी में बृहस्पतिवार को यात्रियों का गुंजी में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। जांच में फिट पाए जाने पर ही उन्हें आगे यात्रा की अनुमति दी जाएगी। कैलाश दर्शन को लेकर यात्रियों में बेहद उत्सुकता बनी हुई है।