झूलाघाट(पिथौरागढ़)।
राज्य सरकार ने गौरीहाट में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोल दिया, लेकिन अनुदेशकों की तैनाती और अपना भवन न होने से छात्रों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। पांच ट्रेड वाले इस आईटीआई में एक ही ट्रेड संचालित हो रहा है। आईटीआई बनने के चार साल बाद भी संस्थान के पास अपना भवन तक नहीं है।
वर्ष 2014 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वैल्डर, फीटर, मशीनिस्ट, मोटर मैकेनिक और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के साथ आईटीआई को मंजूरी दी थी। चार साल बीतने को हैं, लेकिन आईटीआई की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आई हैं। आईटीआई में समस्याओं की भरमार है। किराए के भवन में चलने वाले आईटीआई में केवल एकमात्र वैल्डर का ट्रेड चल रहा है। अन्य ट्रेडों में प्रशिक्षकों की नियुक्ति करने के साथ ही भवन बनाने की दिशा में कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
यह संस्थान को आउटसोर्सिंग से तैनात एकलौते शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है। पिथौरागढ़ आईटीआई के प्रधानाचार्य के पास इस आईटीआई का अतिरिक्त प्रभार है। संस्थान में आउटसोर्सिंग से नियुक्त शिक्षक को एक साल से वेतन नहीं मिला है। जिस भवन में यह संचालित हो रहा है उसके किराए का चार साल से मकान मालिक को भुगतान नहीं हो पाया है। संस्थान में मजिरकांडा, विषखोली, बनाड़ा, खरक्यूड़ा के 16 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं। लाखों रुपये लागत की मशीनें उपयोग न होने के कारण खराब होने के कगार पर हैं। आईटीआई के प्रभारी प्रधानाचार्य वीके चौधरी ने कहा कि गौरीहाट में संस्थान के भवन निर्माण के लिए जमीन ले ली है। फिलहाल जगह न होने से सभी ट्रेड नहीं चल पा रहे हैं। भवन बनने के बाद सभी ट्रेड संचालित हो जाएंगे।