धारचूला (पिथौरागढ़)। शिक्षकों की कमी के चलते राजकीय इंटर कॉलेज खुमती से इस बार 20 विद्यार्थियों ने नाम कटा दिया और दूसरे विद्यालयों में पढ़ने चले गए हैं। पहले विद्यालय में 170 विद्यार्थी थे, अब मात्र 150 ही रह गए हैं। 2014 में उच्चीकृत इस विद्यालय में अब तक शासन ने सिर्फ अंग्रेजी प्रवक्ता की तैनाती की है। दूरस्थ में स्थित इस विद्यालय में प्रवक्ताओं के शेष सभी पद रिक्त हैं। इसके अलावा विद्यालय भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया है।
अभिभावकों का कहना है कि पिछले शिक्षासत्र में अतिथि शिक्षकों ने शिक्षण व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया था, लेकिन इस बार अतिथि शिक्षकों को तैनाती नहीं मिल पाई। अभिभावकों का कहना है कि यदि शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई तो गरीब परिवारों के 150 बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा।
इधर, ग्राम प्रधान विमला देवी ने एसडीएम आरके पांडे को पत्र देकर कहा कि जब शिक्षक ही नहीं हैं तो विद्यालय खोलने की जरूरत क्या है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए खोला गया है। एसडीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और शिक्षा निदेशक को पत्र देकर विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पद भरने का आग्रह किया है।
प्राथमिक विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त
धारचूला। ग्राम पंचायत खुमती के सीपालथौड़ में स्थित प्राथमिक विद्यालय भवन को मई 2016 में भारी बारिश के दौरान काफी नुकसान पहुंचा। विद्यालय भवन की दीवारों पर दरार आ गई हैं, आंगन धंस गया है और भवन की छत पर पड़ा लिंटर चटख गया है। भवन की हालत खतरनाक होने से शिक्षकों ने विद्यार्थियों को उसमें बैठाना बंद कर दिया है। सरकार आपदा की चपेट में आए और जर्जर भवनों की मरम्मत के सिर्फ प्रस्ताव तैयार करती है, उनके लिए धन नहीं आता। पिछले वर्ष भी सिर्फ 27 जर्जर भवनों की मरम्मत को धन मिला, जबकि 64 जर्जर भवनों की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को गया था। ग्राम प्रधान विमला देवी ने कहा कि यदि जर्जर भवन से कोई नुकसान हुआ तो शिक्षा विभाग जिम्मेदार रहेगा।
स्कूलों की अव्यवस्था के खिलाफ तीन को चक्काजाम
गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। राजकीय हाइस्कूल ग्वाल और राजकीय प्राथमिक विद्यालय ग्वाल में व्याप्त कथित अव्यवस्थाओं के खिलाफ तीन सितंबर को सिमल्ता सड़क पर जाम लगाने की चेतावनी दी गई है। ग्वाल के ग्राम प्रधान जगत सिंह बोरा ने इस संबंध में जिलाधिकारी को भी पत्र भेजा है। पत्र में दोनों स्कूलों के अनियमित संचालन का मामला उठाया गया है।