पिथौरागढ़। चुनाव ड्यूटी के चलते फिर से रोडवेज बस सेवा पटरी से उतर गई है। पहले चरण का मतदान होने के बाद शुक्रवार को रोडवेज की 18 बसों को बूथों से सुरक्षा कर्मियों को वापस लाने के लिए भेजा गया है। दिल्ली, देहरादून सहित अन्य रूटों पर सीमित बसों का संचालन होने से यात्रियों को अधिक किराया चुकाकर टैक्सी के सहारे सफर करना पड़ा। इन रूटों पर कम बसें चलने से उनमें सीट के लिए मारामारी रही। ।
पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में 84 बसें हैं। इनमें से 10 बसें खराब होने के कारण लंबे समय से वर्कशॉप में खड़ी हैं। बीते बृहस्पतिवार को कनालीछीना, डीडीहाट, मुनस्यारी और धारचूला में पंचायत चुनाव में बूथों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को वापस लाने के लिए 18 बसें भेजी गईं। दिल्ली रूट पर संचालित रोडवेज की 21 में से अधिकतर नई बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजा गया है। इससे यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। हर रोज दिल्ली, देहरादून, गुरुग्राम, टनकपुर, हल्द्वानी सहित अन्य रूटों पर बड़ी संख्या में यात्री रोडवेज बसों में सफर करते हैं।
बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजने से सड़कों पर इनकी कमी रही। दिल्ली, देहरादून सहित अन्य रूटों पर सफर करने के लिए यात्री रोडवेज स्टेशन पहुंचे लेकिन सीमित बसों का संचालन होने से वे परेशान रहे। बसें कम संचालित होने के कारण यात्रियों को सीट के काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। कई यात्रियों को बस फुल होने पर टैक्सी में अधिक किराया चुकाकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। संवाद
कुछ दिनों तक रहेगी बसों की समस्या
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में दूसरे चरण में 28 जुलाई को बिण, मूनाकोट, गंगोलीहाट और बेड़ीनाग में पंचायत चुनाव होंगे। इन विकासखंडों में सुरक्षा कर्मियों को बूथों तक पहुंचाया जाएगा। 26 जुलाई यानी आज से सुरक्षा कर्मियों की रवानगी होगी और मतदान होने के बाद इन्हें वापस भी लाना होगा। ऐसे में फिर से बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजा जाएगा तो यात्रियों को अगले कुछ दिनों तक रोडवेज सेवा का साथ नहीं मिलेगा।
कोट
सुरक्षा कर्मियों को बूथों से वापस लाने के लिए 18 बसों को भेजा गया है। लौटने के बाद सभी बसों का तय रूटों पर संचालन होगा। चार विकासखंडों में पंचायत चुनाव होने हैं। यहां भी सुरक्षा कर्मियों को छोड़ने और लाने के लिए बसें भेजी जानी हैं।
- रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो