झूलाघाट (पिथौरागढ़)। ऑनलाइन व्यापार और एडी कोड के चलते चार जून से भारत-नेपाल के बीच व्यापार बंद है। इसके चलते सबसे ज्यादा समस्या नेपाल के बैतड़ी जिले में हो रही है। वहां सब्जियों और खाद्यान्न की कमी होने लगी है। इधर झूलाघाट के व्यापारियों को घाटा उठाने के साथ ही मजदूरों को खाने के लाले पड़ने लगे हैं।
भारत सरकार के नेपाल के लिए ऑनलाइन निर्यात करने के नियम के कारण चार जून से कोई भी सामान नेपाल नहीं गया है। कस्टम विभाग ने सभी तरह के सामान को नेपाल ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। थोक व्यापारी एडी (ऑथराइज्ड डीलर) कोड बैंक में देकर टैक्स जमा करने के बाद ही नेपाल सामान ले जा सकेगा।
झूलाघाट में एक ही राष्ट्रीय बैंक है, जिसे इस बारे में कोई सूचना नहीं है। इसकी वजह से दोनों देशों की जनता को नुकसान हो रहा है।
ऐसे मिलता है एडी कोड
प्रिंसिपल चीफ कंट्रोलर आफ अकाउंट नई दिल्ली ने 27 अप्रैल को इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कोड लेने वाले सभी व्यापारियों के लिए आईसी कोड लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए देश के किसी भी कॉमर्शियल बैंक, आरबीआई के अधीन बैंक और स्टेट बैंक को अनुमति दी गई है, लेकिन झूलाघाट के एसबीआई को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
एडी कोड के बाबत झूलाघाट के एकमात्र राष्ट्रीयकृत बैंक को जानकारी दे दी गई है, जैसे ही बैंक आगे की कार्यवाही शुरू करते हुए टैक्स जमा करना शुरू करेगा, व्यापार शुरू हो जाएगा। -ओपी शर्मा, कस्टम अधीक्षक झूलाघाट
आज ही कस्टम विभाग की मेल आई है। इस संबंध में क्षेत्रीय कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। कुछ दिनों में समस्या हल होने की उम्मीद है। -केसी जोशी, शाखा प्रबंधक, एसबीआई, झूलाघाट