पिथौरागढ़। नए सत्र में निजी स्कूल पुन: प्रवेश को लेकर मनमानी नहीं कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने अगली कक्षा में प्रवेश पर पुन: प्रवेश शुल्क पर रोक लगा दी है। निजी स्कूलों से कॉशन मनी भी नहीं लेने को कहा गया है।
अप्रैल से वर्ष 2018-19 का नया शिक्षण सत्र शुरू हो जाएगा। इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग ने पब्लिक स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत नई कक्षा में प्रवेश पर छात्रों से पुन: प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा। पब्लिक स्कूल छात्रों से कॉशन मनी भी नहीं ले पाएंगे। सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकें ही संचालित होंगी। सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से शिक्षक-अभिभावक संघ का गठन करने को कहा है।
विद्यालयों को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पब्लिक स्कूलों को आरटीई के तहत निर्धारित गरीब छात्रों को प्रवेश देना होगा। गरीब बच्चों को निशुल्क प्रवेश का कोटा पूरा न करने वाले विद्यालयों पर उल्लंघन के मामले में कार्रवाई होगी।
शुल्क बढ़ोतरी पर नहीं चलेगी मनमानी
निजी विद्यालय अक्सर हर साल फीस में बढ़ोतरी कर देते हैं। बढ़ोतरी मनमाने तरीके से होती है। इसमें अभिभावकों की राय तक नहीं ली जाती। हर साल फीस बढ़ाने से अभिभावकों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ती है। शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों से मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने की प्रवृत्ति से बाज आने को कहा है। विभाग फीस बढ़ोतरी के मामलों का संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा।
तय दुकानों से खरीद की बाध्यता नहीं चलेगी
पाठ्य पुस्तकें, स्कूली ड्रेस खरीद के लिए अभिभावकों पर तय दुकान की बाध्यता नहीं रहेगी। अभिभावक कहीं से भी अपनी सुविधानुसार खरीदारी कर सकते हैं। विभाग ने पब्लिक स्कूलों को अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का दबाव न डालने की नसीहत दी है।
सभी निजी विद्यालयों को नए सत्र के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। छात्रों, अभिभावकों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। आरटीई के उल्लंघन पर विद्यालयों की मान्यता निरस्त कर दी जाएगी। -वीपी सिमल्टी, सीईओ, पिथौरागढ़