इस बार नहीं चख पाएंगे बगड़ीहाट के आम का स्वाद
अस्कोट (पिथौरागढ़)। इस बार कम फसल उस पर मौसम की मार के कारण बगड़ीहाट के प्रसिद्ध आम का स्वाद लोग चख नहीं पाएंगे। मई के महीने में हुई ओलावृष्टि ने आम की फसल पूरी तरह चौपट कर दी है।
बगड़ीहाट क्षेत्र में लंगड़ा, दशहरी, मालती के साथ ही कलमी आम बहुतायत में होता है। इस बार आम में फल कम था, रही-सही कसर ओलावृष्टि ने पूरी कर दी। स्थिति यह है कि पेड़ों में आम का एक दाना भी नहीं रह गया है। आम की फसल चौपट होने से फल उत्पादक बेहद निराश हैं। बगड़ीहाट क्षेत्र में आम के करीब 10,000 पेड़ हैं। घाटी के लोगों को आम से साल में एक बार अच्छी आमदनी हो जाती थी।
बगड़ीहाट क्षेत्र के फल उत्पादक टिकेंद्र पाल, योगेंद्र पाल, कृष्ण बहादुर पाल, धरम धामी, शेर सिंह, बहादुर सिंह, नारायण सिंह, विक्रम पाल, अशोक सिंह बताते हैं कि आम के सीजन में प्रत्येक परिवार 10 से 20 हजार रुपये के आम बेचता था। बगड़ीहाट के कलमी आम की अचार के लिए अच्छी डिमांड होती थी। इस बार अचार के लिए भी आम नहीं बचा है। इन लोगों का कहना है कि आम की फसल का मुआवजा देकर सरकार को नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।