पिथौरागढ़। जनता की समस्याओं के निवारण के लिए बहुउद्देश्यीय शिविर, तहसील दिवस, जनता दरबार सहित कई शिविर लगाए जा रहे हैं। इसके बावजूद लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
कभी सरकार के प्रतिनिधियों तो कभी अधिकारियों के दरबार में आवेदन करने के बावजूद लोगों को महज आश्वासन मिल रहे हैं। हालात यह हैं कि फरियादियों का अधिकतर समय विभागों से लेकर अधिकारियों के चक्कर काटने में ही बीत रहा है।
धारचूला के खुमती गांव से पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय सीपालथौड़ का भवन जर्जर हाल हो गया है। छत पर बड़े-बड़े सुराख हो गए हैं। दीवारों में दरारें पड़ी हैं। स्कूल में दो शिक्षिकाएं और 15 बच्चे हैं। हालात यह हैं कि बरसात के मौसम में स्कूल भवन में कक्षाएं चलाना संभव नहीं होता है। गोपाल सिंह ने बताया कि स्कूल भवन के सुधार के लिए वह बहुउद्देश्यीय शिविर, बीडीसी बैठक, एसडीएम, खंड शिक्षाधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी, सीईओ और जिला मुख्यालय में होने वाले जनता दरबार में दो दर्जन से अधिक बार आवेदन कर चुके हैं। इसके बावजूद स्कूल भवन का सुधार नहीं हो पाया है।
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के चंडाक में रहने वाले प्रगतिशील किसान इकबाल अहमद जंगली जानवरों से मुआवजे और फसलों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। इकबाल हर सप्ताह होने वाले डीएम के जनता दरबार में ही चार बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद न तो उन्हें मुआवजा मिला और न फसलों की सुरक्षा को लेकर ही कोई इंतजाम करने का कोई आश्वासन मिला। इकबाल अहमद ने बताया कि खेती-बागवानी बंदरों, सुअरों, सेही और खरगोशों ने नष्ट कर दी है। खेती-किसानी का काम छोड़कर बार-बार मुख्यालय आने से नुकसान होता है।
ग्राम सभा गोगिना के डाकुड़ा तोक में चैकवॉल निर्माण करने के एक साल बाद भी संबंधित व्यक्ति को भुगतान नहीं हुआ है। डाकुड़ा निवासी हयात सिंह का कहना है कि चैकवॉल निर्माण का कार्य वर्ष 2017 में पूरा हो गया था। निर्माण कार्य गुरना माता स्वयं सहायता समूह के नाम से किया गया था। एक साल बाद भी विकासखंड से उन्हें निर्माण कार्य की धनराशि नहीं दी गई है। हयात सिंह ने बताया कि कई बार ग्राम विकास अधिकारी से लेकर कई अधिकारियों को मामले से अवगत कराने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। जनता दरबार में एक बार फिर आश्वासन दिया गया है।
जनता दरबार या अन्य शिविरों में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाता है। कुछ मामलों में संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाता है। यदि विभाग समस्याओं का समाधान करने में लापरवाही करते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -आरडी पालीवाल, अपर जिलाधिकारी, पिथौरागढ़