पिथौरागढ़। बंगापानी तहसील के दूरस्थ गांव कनार तक 16 किमी की सड़क सात साल से वन कानून के चक्कर में लटकी है। लगातार पत्राचार के बाद भी अनुमति नहीं मिल पाई है। इसके चलते आज तक भी तीन हजार की आबादी पीठ पर जरूरी सामान लादकर 16 किमी खडी़ चढ़ाई पर चलने को मजबूर है।
सरकारी योजनाओं को आखिरी व्यक्ति पहुंचाने की बातें भले ही सरकार करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। बंगापानी तहसील के कनार और मेतली के लोगों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन गांवों तक पहुंचने के लिए नौ से 16 किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय करनी पड़ती है। आजादी के 77 और राज्य गठन के 24 वर्ष बाद भी विकास की राह देख रहे इस गांव ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है।
वर्षों से गांव तक सड़क पहुंचने की आस लगाए बैठे ग्रामीणों को कोरे आश्वासनों के अलावा आज तक कुछ नहीं मिला। इससे परेशान होकर कनार गांव के लोगों ने चुनाव में मतदान प्रक्रिया से किनारा कर लिया था। लंबे समय से मांग कर रहे ग्रामीणों को वर्ष 2017 में जौलजीबी मेले में पहुंचे तत्कालीन मुख्ममंत्री ने कनार वासियों के लिए सड़क की सौगात दी। सीएम की घोषणा के बाद ग्रामीणों ने सोचा कि अब उनके गांव भी सड़क सुविधा से जुड़ जाएगा, लेकिन सड़क निर्माण वन कानून के चक्कर में सात सालों से लटका है। इससे ग्रामीण अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।
नौ हजार फीट की ऊंचाई पर है भगवती मंदिर
पिथौरागढ़। नौ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित कनार गांव के भगवती मंदिर में हर साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन मेला लगता है। बड़ी संख्या में लोग देवी का आशीर्वाद लेने आते हैं। मुनस्यारी, धारचूला, जौलजीबी, बरम, बंगापानी, मदकोट समेत आसपास के कई गांवों के लोगों को बरम से 16 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। संवाद
कोट
सड़क जैसी जरूरी सुविधा हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकारी तंत्र की उदासीनता से कनार के लोग इस अधिकार से वंचित हैं। शासन, प्रशासन को जो भी बाधाएं हैं उन्हें दूर कर सड़क निर्माण शीघ्र शुरू करना चाहिए। - महेंद्र परिहार, ग्राम प्रधान, कनार
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जब कांग्रेस की सरकार थी उस समय सड़क को स्वीकृति मिल गई थी। काम भी शुरू कर दिया गया था। सरकार बदलने के बाद धनराशि वापस कर दी गई। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए हाल ही में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इस बार प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी इस सड़क का संज्ञान लिया है। इसमें बरम से कनार और चामी से मेतली के अलावा धारचूला से सुवा तक सड़कें बनने की उम्मीद है। - हरीश धामी, विधायक धारचूला।