धारचूला(पिथौरागढ़)। धारचूला की दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क खोल दी गई है। सड़क में आए विशाल ग्लेशियर को काटने में सीपीडब्लूडी को दो माह का समय लगा। सड़क खुलने से माइग्रेशन पर जाने वाले चौदह गांवों के लोगों के साथ ही भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों को भी आवागमन में सुविधा होगी।
इस साल भारी बर्फबारी से दारमा घाटी को जाने वाली सड़क बंद हो गई थी। वरुंग और यूसुंग नाले में लगभग 15 मीटर ऊंचाई वाला विशाल ग्लेशियर सड़क में आ गया था। सड़क बंद होने से माइग्रेशन पर जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मार्च अंतिम सप्ताह से कार्यदायी संस्था सीपीडब्लूडी ने सड़क में आए ग्लेशियर का हटाने का काम शुरू किया था। बार-बार ग्लेशियर के खिसकने से सड़क खोलने में बाधा पैदा हो रही थी। लगभग दो माह तक लगातार मशीनों से ग्लेशियर को पूरी तरह से हटा दिया है।
सड़क से बर्फ हटते ही धारचूला तहसील मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर लंबे इस रूट में वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। मोटर मार्ग खुलने से माइग्रेशन पार जाने वाले ग्रामीणों के साथ ही अग्रिम चौकियों में तैनात भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पंचाचूली ग्लेशियर देखने के लिए जाने वाले साहसिक पर्यटकों का आवागमन भी सुविधायुक्त होगा।