पिथौरागढ़। दुर्घटना संभावित स्थलों के चिन्हीकरण में पिथौरागढ़ कोतवाली, गंगोलीहाट, जौलजीबी, अस्कोट थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई है। एसपी की ताकीद के बावजूद मातहतों ने दुर्घटना संभावित स्थलों के चिन्हीकरण का काम पूरा नहीं किया। नाराज एसपी ने मासिक अपराध गोष्ठी में मातहतों को फटकार लगाई। साथ ही इस मामले में लिखित जवाब भी तलब किया है।
शनिवार को एसपी अजय जोशी मासिक अपराध गोष्ठी में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों का ब्योरा मांगा। इस पर पिथौरागढ़ कोतवाल के साथ ही गंगोलीहाट, जौलजीबी, अस्कोट थाना प्रभारी बगल झांकते रह गए। दरअसल इन्होंने चिन्हीकरण का काम पूरा नहीं किया था। एसपी मातहतों को जमकर फटकारा, साथ ही लापरवाही बरतने पर जवाब भी तलब कर लिया। इधर, एसपी ने बताया कि अब तक जिले भर में 59 दुर्घटना संभावित क्षेत्र चिन्हित किए हैं। जल्द ही अन्य संभावित क्षेत्रों को भी चिन्हित कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन स्थानों पर संबंधित एजेंसी से चेतावनी बोर्ड लगाने का आग्रह किया जा रहा है।
इससे पहले समीक्षा के दौरान सत्यापन अभियान की ढिलाई पर भी एसपी नाराज हो गए। लंबित सत्यापनों की फेहरिस्त पर मातहतों को फटकारा और तीन दिन के भीतर सत्यापन पूरा करने को कहा। उन्होंने युवाओं के बीच नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई और नशा कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई को कहा। शराब पीकर वाहन चलाने, ओवरलोडिंग, ओवर स्पीड पर लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए।
अपराध नियंत्रण के लिए जनता को सीसीटीवी लगाने के लिए प्रेरित करने को कहा। इस बीच साइबर अपराध की रोकथाम के लिए मातहतों को जागरूकता बुकलेट दी गई। इस दौरान एएसपी संचार बीबी तिवारी, पिथौरागढ़ सीओ शेखर चंद्र सुयाल, धारचूला के विमल कुमार, आरआई महेश चंद्र आदि थे।