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पाकिस्तान के खिलाफ पूर्व सैनिकों का खून खौला

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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सीमा पर भारतीय जवानों की आए दिन शहादत से देश के लिए लड़ाई लड़ चुके पूर्व सैनिकों का खून खौल उठा है। सुगड़ी गांव के वीर सपूत पवन सिंह सुगड़ा की शहादत पर एकत्र पूर्व सैनिकों ने एक स्वर से कहा अब बहुत हो गई बातचीत, अब पाकिस्तान का सिर कुचल देना चाहिए। पाकिस्तान का नामोनिशान दुनिया के नक्शे से मिटा देना चाहिए। अमर उजाला ने शहादत पर एकत्र पूर्व सैनिकों के विचार जाने।
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कब तक हमारे बच्चों की कुर्बानी लेगी सरकार
पाकिस्तान के खिलाफ वर्ष 1965 और 71 की लड़ाई लड़ चुके 16 कुमाऊं रेजीमेंट से सेवानिवृत्त भूलीगांव निवासी ऑनरेरी कैप्टन धन सिंह गुस्से में कहते हैं कि कब तक सरकार हमारे बच्चों की कुर्बानी लेगी। बार्डर पर सेना को खुली छूट मिलनी चाहिए। सेना पर किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

एक के बदले दस को मौत के घाट उतारना चाहिए
चमलेख निवासी रिटायर्ड सूबेदार केशर सिंह बिष्ट कहते है कि निर्णय लेने के लिए सेना की सरकार पर निर्भरता खत्म होनी चाहिए। एक सैनिक के बदले 10 पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारना चाहिए। कहते हैं कि देश के वीर जवानों की शहादत को ऐसे ही जाया नहीं होने देना चाहिए।
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पोस्ट में तैनात अधिकारी को हो पूरी आजादी
4 कुमाऊं रेजीमेंट से सेवानिवृत्त पाली पल्याल निवासी नायक जीवन सिंह पल्याल कहते हैं कि जिस भी अग्रिम पोस्ट में जो सैन्य अधिकारी है, उसे पूरी स्वतंत्रता देनी चाहिए। सैन्य अधिकारी को किसी आदेश का इंतजार नहीं होना चाहिए। पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। सरकार को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।

अब आक्रमण में देर नहीं होनी चाहिए
कोटीगांव निवासी 2 कुमाऊं रेजीमेंट से सेवानिवृत्त ऑनरेरी कैप्टन एवं पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष शेर सिंह गुरौ कहते हैं कि बातचीत बहुत हो गई। हिंदुस्तान की फौज को पाकिस्तान के ऊपर आक्रमण करने में देर नहीं लगानी चाहिए। पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए इंतजार नहीं होना चाहिए।

शहादत अब सहन नहीं होती
रावलगांव निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार नैन सिंह रावल कहते हैं कि पाकिस्तान को उसकी सीमा पर घुसकर सबक सिखाना चाहिए। सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक करनी चाहिए। सैनिकों की शहादत अब सहन नहीं होती।
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