पिथौरागढ़/नाचनी। मसूरीकांठा-रातों बैंड के पास हुए बोलेरो हादसे के बाद यदि समय पर आपातकालीन 108 सेवा मिलती तो चालक रमेश राम की जान बच सकती थी। अधिक रक्तस्राव के चलते उसने जिला अस्पताल लाते समय सुवालेक के पास दम तोड़ दिया। इससे उसके परिजनों में आक्रोश है।
बृहस्पतिवार सुबह हादसे के बाद देकुना गांव के प्रधानपति मंगल सिंह कोरंगा ने आपातकालीन सेवा 108 को सूचना दी। इस पर उनसे कहा गया कि 108 सेवा मुनस्यारी अस्पताल ले जाएगी। मुनस्यारी में घायलों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं होने पर मंगल सिंह और ग्रामीणों ने जीप बुक कराकर घायलों को थल तक भिजवाया। वहां से दूसरी जीप कर तीनों घायलों को जिला अस्पताल लाया जा रहा था।
इसी दौरान चालक रमेश राम ने सुवालेक के पास दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि उनके सिर से अत्यधिक खून बह गया था। अस्पताल पहुंचे चालक के परिचित गोपेश कुमार ने बताया कि थल में आपात सेवा होने के बावजूद उसे घायलों के लिए मुहैया नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि तेजम चिकित्सालय में भी घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है।
बोलेरो में कुछ टूटने की आई आवाज
नाचनी। देकुना से तेजम आ रही बोलेरो में चालक समेत कुल चार लोग थे। जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वहां पर सड़क ठीक है। घायलों ने बताया कि जीप में अचानक कुछ टूटने की आवाज आई और वह खाई की ओर जा गिरी। इससे चारों अलग-अलग स्थानों पर छिटक गए। हादसे में छात्र सूरज ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने पंचनामा भर शव तेजम अस्पताल में पहुंचाया। विधायक हरीश धामी की पहल पर शव का पोस्टमार्टम तेजम अस्पताल में ही कराया जा रहा है।