पिथौरागढ़। लंबी प्रतीक्षा के बाद जिले की 108 और खुशियों की सवारी को ईंधन मिल ही गया। इसके बाद 13 वाहनों का संचालन तो शुरू हो गया है, जबकि टायर और तकनीकी खराबी के कारण पांच वाहनों के पहिये अब भी जाम हैं।
पिथौरागढ़ जिले में नौ 108 वाहन और नौ खुशियों की सवारी हैं। ईंधन नहीं होने से इनमें से अधिकतर वाहनों का संचालन एक पखवाड़े से बंद पड़ा था। इसके चलते मरीजों और गर्भवती महिलाओं को निजी वाहन बुक कराकर जिला अस्पताल पहुंचना पड़ रहा था। बृहस्पतिवार को वाहनों में ईंधन मिलने के बाद कुछ विकासखंडों में राहत मिली है। हालांकि डीडीहाट, गंगोलीहाट सहित अन्य विकासखंडों में वाहनों के खराब होने से लोगों को फिलहाल निजी खर्च पर ही अस्पताल जाना पड़ेगा।
पेट्रोल का भुगतान नहीं होने से खुशियों की सवारी बेड़ीनाग में बंद है। जिला मुख्यालय में एक खुशियों की सवारी में टायर नहीं हैं। डीडीहाट में 108 में टायर नहीं हैं। गंगोलीहाट और एक पिथौरागढ़ की 108 भी तकनीकी खराबी से बंद हैं। 108 के जिला कोआर्डिनेटर प्रमोद भट्ट ने बताया कि जल्द ही खराब वाहनों की मरम्मत करा दी जाएगी।
गंगोलीहाट से आई महिला ने 48 घंटे तड़पने के बाद बच्चे को जन्म दिया
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट से प्रसव के लिए महिला जिला अस्पताल लाई गई भावना का 48 घंटे तक तड़पने के बाद बच्चा पैदा हुआ। चिकित्सकों ने बच्चे को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने आर्थिक कारणों से हल्द्वानी ले जाने में असमर्थता जता दी। गंगोलीहाट की 108 का संचालन नहीं होने से भावना को परिजन तीन दिन पहले दो हजार रुपये में जीप बुक कराकर जिला अस्पताल पहुंचे। परिवार का अधिकांश रुपये तीन दिन तक जिला मुख्यालय में रहने में खर्च हो गए। सामान्य प्रसव में कठिनाई होने पर चिकित्सकों ने पहले ऑपरेशन की तैयारी की। इसी बीच नार्मल डिलीवरी हो गई। सीएमएस डॉ.जेएस नबियाल ने बताया कि नवजात की धड़कन असामान्य होने पर परिजनों को उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार के सदस्यों ने हायर सेंटर ले जाने से इनकार कर दिया है। जो व्यवस्थाएं यहां पर हैं, उसी के अनुसार इलाज की कोशिश की जा रही है।
एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती है संध्या
लोहाघाट के रेगडू निवासी गर्भवती महिला संध्या एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती है। संध्या के साथ आए परिजनों ने बताया कि चंपावत जनपद में प्रसव की उचित व्यवस्था नहीं है। पेचीदा मामलों को पिथौरागढ़ के लिए रेफर कर दिया जाता है। इसे देखते हुए और 108 की व्यवस्था नहीं होने से वाहन बुक कराकर पिछले सप्ताह यहां आ गए थे। ब्लड ग्रुप नेगेटिव होने से परेशानी हो रही है।