पिथौरागढ़। सात सूत्री मांगों को लेकर सरकार के नकारात्मक रुख पर नाराज राज्य कर्मी 5 मई को सामूहिक अवकाश के साथ धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी सरकार ने कोई सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो 13, 14 मई को कार्यबहिष्कार किया जाएगा। इस आंदोलन में सभी राजकीय सेवा संघ शामिल होंगे।
शनिवार शाम आंदोलन के लिए अधिसूचित टकाना रामलीला मैदान में उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी समन्वय मंच द्वारा आहूत बैठक में यह फैसला किया गया। तय हुआ कि पहले कर्मी धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद दो दिन का कार्यबहिष्कार होगा। इससे पहले कर्मियों ने बैठक में समस्याओं और सरकार के रुख पर चर्चा की। उन्होंने लंबे समय से लंबित मांगों का निराकरण न होने पर नाराजगी जताई।
बता दें कि राज्य कर्मी केंद्र के समान भत्ता, न्यूनतम पदोन्नति, पुरानी पेंशन बहाली, स्मार्ट हेल्थ कार्ड की सुविधा समेत सात मांगों को लेकर मुखर हैं। इस दौरान मुख्य संयोजक एमसी जोशी, सीएस भट्ट, केएस अधिकारी, पीसी जोशी, बिजेंद्र लुंठी, पीएस डीनियां, कैलाश पुनेठा, आरएस खनका, जेएल वर्मा, एससी पंत आदि थे।