पिथौरागढ़। मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित अंशु गुप्ता की ओर से संचालित गूंज संस्था की 18, 19 दिसंबर को दिल्ली में हुई राष्ट्रीय स्तर की स्कूल-टू-स्कूल प्रतिबिंब-2017 कार्यशाला में मुनस्यारी के सुदूर गांव चुलकोट के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के दल ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पहला स्थान प्राप्त किया। अभाव में रहने वाले हिमालयी क्षेत्र के बच्चे ट्रेन और मेट्रो का सफर कर काफी उत्साहित हैं।
कार्यक्रम से पहले चुलकोट के विद्यार्थियों का ढुसका (नृत्य-गायन की एक विधा) का पूर्वाभ्यास देखकर आयोजकों ने उद्घाटन समारोह में ढुसका की प्रस्तुति का मौका दिया। दल ने-हिट दे छोरी कौशल्या म्यर दगड़ि मा धारचूला, ना औना छोरा राजुवा, गालि टोकला घर वाला, बोलों के बीच ढुसका का मंचन किया तो दर्शक झूम उठे। दल ने-हाई तेरी रुमाला, गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी।
आठ वर्षीय काजल चुलकोटिया ने कठपुतली नृत्य में धमाल मचाया। चुलकोट के स्कूल में बरपटिया जनजाति के बच्चे पढ़ते हैं। दिल्ली के कार्यक्रम के लिए स्कूल के शिक्षक राजेंद्र कुमार, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गिरधर सिंह के निर्देशन में विद्यार्थियों ने तैयारी की थी। विद्यालय के दल के बेहतरीन प्रदर्शन से चुलकोट में खुशी का माहौल है। गूंज संस्था के शैलेश खर्कवाल ने बताया कि 20 सदस्यीय दल में शिक्षक शेखर शर्मा, भोजनमाता लीला देवी भी शामिल थे।