थल (पिथौरागढ़)। हजेती के निकट बिरखेत के जंगल में पेड़ों को सुखाने के लिए बनाए गए घावों की जांच के लिए वन विभाग की टीम पहुंच गई। टीम ने पूरे जंगल में छानबीन के बाद पाया कि सड़क के किनारे स्थित चीड़ के सिर्फ दो पेड़ों को सुखाने का प्रयास किया गया था। जंगल के अंदरूनी हिस्से में कुछ छोटे पेड़ काफी पहले काटे जाने की जानकारी मिली।
वन रेंजर एनपी ग्वासीकोटी ने बताया कि सड़क के किनारे के इन पेड़ों को काटकर ले जाने की योजना किसने बनाई थी, इसका पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि चीड़ के पेड़ के तने पर चारों तरफ घाव बना दिए जाएं तो वह सूखने लगता है। यही नहीं वह तेज हवा से गिर भी सकता है।
इस मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि जंगल में निगरानी बढ़ा दी है। जो लोग बिना कारण जंगल में घूमते हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी। साथ ही जानवरों को चराने जंगल जाने वालों से भी मालुमात किया जा रहा है। रेंजर ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पकड़ में आता है तो उसके खिलाफ वन अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।