पिथौरागढ़। घंटाकरण शिव मंदिर में बंदरों को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में रविवार को एक और बंदर कैद हो गया। एक सप्ताह से इस स्थान पर रखे पिंजरे में अब तक सिर्फ दो बंदर ही पकड़े गए हैं। वन विभाग के कर्मचारी पिंजरा लगाने के बाद देखने तक नहीं गए।
मंदिर के पुजारियों का कहना है कि पहले पकड़े गए बंदर को शहर के पास ही छोड़ दिया गया था। यह बंदर फिर से अपने समूह में शामिल हो गया। इससे पहले जिला पंचायत के आवासीय परिसर में 13 बंदर पकड़े गए थे, लेकिन बंदरों की संख्या कम नहीं हो पा रही है।
पिछले महीने कटखने बंदरों द्वारा कई लोगों को काटने के बाद वन विभाग के कर्मचारी हरकत में आए थे, लेकिन पकड़े गए बंदरों को दूर नहीं खदेड़ा जा रहा है। इस कारण उनका आतंक समाप्त नहीं हो पा रहा है। लोगों की मांग है कि पकड़े गए बंदरों को इतनी दूर ले जाया जाए कि वह वापस न आ सकें। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र जोशी का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिए पूरे प्रयास किए गए हैं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि घर के पास आने वाले बंदरों को खाने के लिए कुछ न दें।
अब सांड़ बनने लगे मुसीबत
पिथौरागढ़। नगर के लोगों के लिए अब सांड़ मुसीबत का कारण बनने लगे हैं। नगर में इस समय खूंखार किस्म के दो सांड़ घूम रहे हैं। नगरपालिका ने इनको पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। यह सांड़ जिस इलाके में पहुंच रहे हैं, वहां दहशत का माहौल हो रहा है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी ने बताया कि यदि पशुपालन विभाग इन खूंखार सांड़ों को पकड़ने में मदद करे तो उनको बड़ावे स्थित गोसेवा केंद्र में भेजा जाएगा।