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जमीन भी गई और मुआवजा भी नहीं मिला

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अस्कोट (पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच के चौड़ीकरण के लिए जमीन देने वाले किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तो उनकी काश्त योग्य भूमि चली गई, ऊपर से मुआवजा भी नहीं मिला। इससे लोगों में गुस्सा है।
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जौलजीबी से कनालीछीना तक सड़क चौड़ीकरण में जौलजीबी, बंदरलीमा, कनालीछीना के 35 लोगों की नाप भूमि कटी है। प्रभावित किसान सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों से पांच साल से मुआवजे के भुगतान की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रभावित गोविंद सिंह पाल का कहना है कि जमीन का मुआवजा न देना भू-स्वामियों के साथ अन्याय है।

कहा कि वर्ष 2012-13 में पुराने मूल्य पर मुआवजे का भुगतान करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रभावित किसानों ने नए सर्किल मूल्य से भुगतान की मांग की और मुआवजा नहीं लिया। उसके बाद मुआवजा देने के लिए सीमा सड़क संगठन ने कोई प्रयास नहीं किए। कहा कि मुआवजे का भुगतान न होने पर मजबूरन न्यायालय की शरण ली जाएगी।
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सीमा सड़क संगठन के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल कहते हैं कि पांच साल पहले मुआवजा राशि आ गई थी। प्रभावितों ने नए सर्किल मूल्य से मुआवजा देने की मांग की। इस पर मुआवजा राशि वापस चली गई। नए सर्किल मूल्य से मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द मुआवजे का भुगतान कराया जाएगा।
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