पिथौरागढ़। जिला और महिला अस्पताल में चार महीने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। इन दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड का काम देखने वाले रेडियोलॉजिस्ट के बीमार होने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है। उनके स्थान पर चिकित्सा विभाग नई व्यवस्था नहीं कर पाया। मरीज निजी अस्पतालों में भारी कीमत देकर अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर हैं। बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारकों के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सरकारी अस्पतालों में गरीबों का अल्ट्रासाउंड मुफ्त में होता है लेकिन अब उनको निजी अस्पतालों में पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस मेहता ने बताया कि यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट का चार माह पहले स्वास्थ्य खराब हो गया था और वह इलाज के लिए दिल्ली गए हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 50 लोगों का अल्ट्रासाउंड होता था, जबकि महिला अस्पताल में 80 मरीजों का रोजाना अल्ट्रासाउंड कराया जाता था। रेडियोलॉजिस्ट के न होने से यह सेवाएं बंद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था इस कारण नहीं हो पाई, क्योंकि प्रदेश के किसी भी अस्पताल में अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि यहां के रेडियोलॉजिस्ट के स्वस्थ होने में कम से कम तीन महीने का समय और लगेगा। तब तक कोई व्यवस्था संभव नहीं है।
इधर, लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार इतने बड़े जिले में रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं कर पाई है। यहां जिला अस्पताल में पूरे जिले के मरीजों के अलावा चंपावत और नेपाल के मरीज भी आते हैं। यहां की जरूरत के हिसाब से कम से कम दो रेडियोलॉजिस्ट तैनात होने चाहिए थे, लेकिन इस समय पूरे जिले में एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। अव्यवस्था को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत का कहना है कि यह डबल इंजन सरकार का ही नतीजा है कि यहां पर चिकित्सा सेवाएं चौपट हो चुकी हैं।