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ड्रेस कोड स्वीकार नहीं करेंगे प्राथमिक शिक्षक

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पिथौरागढ़। राजकीय प्राथमिक शिक्षकों ने ड्रेस कोड लागू करने का विरोध किया है। साथ ही ऐलान किया है कि जब तक शिक्षकों को वर्दी भत्ता नहीं मिल जाता तब तक वह इसे स्वीकार नहीं करेंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश इकाई पहले ही ड्रेस कोड का विरोध कर चुकी है। अब जिला स्तर पर भी ड्रेस कोड का विरोध होने लगा है।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र वल्दिया, मंत्री जेपी वर्मा, कोषाध्यक्ष प्यारे लाल चौधरी ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कहा कि शिक्षक पहले की तरह शालीन ड्रेस में विद्यालय जाते रहेंगे, लेकिन सरकार की ओर से थोपे जा रहे ड्रेस कोड का पालन नहीं करेंगे।

संगठन ने शिक्षकों के सभी संवर्गों में शीघ्र पदोन्नति करने, सर्व शिक्षा अभियान के शिक्षकों को चार माह का रुका वेतन एक साथ देने, विकासखंडों में शिक्षकों की सेवा पंजिका, फंड पासबुक को पूरा करने, विद्यालयों के कोटिकरण की गलती को सुधारने, विद्यालयों में रखरखाव, लघु मरम्मत के लिए धनराशि देने, वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी उठाई है। ज्ञापन देने वालों में हरीश पांडे, ललित बसेड़ा, महिमन जोशी, एनडी पंत, कवींद्र लाल आदि शिक्षक भी शामिल थे।
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राशिसं ने भी विरोध का ऐलान किया
राजकीय शिक्षक संघ की जिला इकाई ने भी ड्रेस कोड के विरोध का ऐलान किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी, जिला मंत्री प्रवीण सिंह रावल ने कहा कि सरकार एक ओर स्वैच्छिक ड्रेस कोड की बात करती है, दूसरी ओर इसे अनिवार्य करने की बात कही जाती है। कहा कि सरकार ड्रेस कोड लागू करना चाहती है तो ड्रेस भत्ते के साथ स्पष्ट आदेश जारी क्यों नहीं करती। शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार को ड्रेस कोड के स्थान शिक्षा व्यवस्था में सुधार की ओर ध्यान देना चाहिए। सरकार को शिक्षकों के रिक्त पद भरने, भौतिक और शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराने, शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
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