मई में मुख्यमंत्री हरीश रावत हेलीकाप्टर से पातो गांव गए थे। पहली बार किसी मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर लोगों को उम्मीद जागी थी कि शायद उनकी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन पातो गांव के लोग आज भी सड़क तक पहुंचने के लिए 12 किमी का पैदल सफर तय करते हैं। गांव के गोवर्धन ग्वाल की तबियत रविवार को खराब हो गई। उनको पेट दर्द की शिकायत थी। गांव के लोग उनको 12 किमी डोली में बैठाकर अस्पताल के लिए लाए।
गांव के सामाजिक कार्यकर्ता हरीश दरियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पातो गांव के दौरे के समय कहा था कि एक माह में गांव तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, लेकिन पांच माह बाद भी सड़क निर्माण की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दस वर्ष तक लोगों को सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि गांव में सिर्फ एक बीमार के साथ ही यह समस्या नहीं आती, वरन हर बार लोगों को इसी तरह के संकट से जूझना पड़ता है। आज गांव के लोग बीमार गोवर्धन को पातो से चिलमधार तक 12 किमी डोली में बैठाकर लाए। पूरे गांव के लोग बीमार को ढोने में लगे रहे।