डीडीहाट (पिथौरागढ़)। क्लस्टर विद्यालय योजना ने विकासखंड के दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों और अभिभावकों की दिक्कत बढ़ा दी है। इस योजना के तहत विकासखंड के 12 हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में ताले लटक जाएंगे। यहां के विद्यार्थियों को तीन से 15 किलोमीटर दूर अन्य विद्यालयों की दौड़ लगानी होगी। आजादी के समय से संचालित जीआईसी नारायणनगर भी इस योजना के तहत बंद कर दिया जाएगा।
डीडीहाट विकास खंड के जीआईसी हचीला, जीजीआईसी डीडीहाट, जीआईसी चौबाटी के अलावा सानदेव, घसाड़, सौगॉव, लेगधार, किरौली, धाराकौली, रानीखेत, हरड़कटिया और सौगांव हाईस्कूलों को बंद किया जा रहा है। पिथौरागढ़ जिले का सबसे पुराने इंटर कॉलेज नारायण नगर को भी सरकार ने क्लस्टर योजना के तहत बंद करने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग के अनुसार क्लस्टर विद्यालय योजना के तहत जीआईसी डीडीहाट में 151 छात्र संख्या वाले जीआईसी चौबाटी, 177 छात्र संख्या वाली जीजीआईसी डीडीहाट, 29 छात्र संख्या वाले हाई स्कूल सानदेव को जोड़ा जा रहा है।
जीआईसी मस्मोली में 26 छात्र संख्या वाले हाईस्कूल घसाड़ और 26 छात्र संख्या वाले हाईस्कूल सौगॉव को जोड़ा जा रहा है। जीआईसी दूनाकोट में 53 छात्र संख्या वाले हाईस्कूल लेगधार, 37 छात्र संख्या वाले हाईस्कूल किरौली, जीआईसी थल में 25 छात्र संख्या वाले हाईस्कूल धारकोली, 22 छात्र संख्या वाले हाईस्कूल रानीखेत, जीआईसी जौरासी में 40 छात्र संख्या वाले हाईस्कूल हरड़कटिया, 49 छात्र संख्या वाले जीआईसी हचीला को जोड़ा जा रहा है। संवाद
ग्रामीणों में स्कूलों को बंद करने पर नाराजगी
क्लस्टर योजना के तहत बंद हो रहे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को लेकर ग्रामीणों में सरकार के खिलाफ नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय विद्यालयों को बंद कर सरकार ग्रामीण बच्चों को खासकर बालिकाओं को पढ़ने से वंचित कर रही है। विद्यालयों के बंद होने से रोजाना सैकड़ों ग्रामीण एसडीएम कार्यालय में पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं। संवाद
वर्जन
क्लस्टर योजना के तहत दूरी के हिसाब से बंद होने वाले स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नए स्कूलों का आवंटन किया गया है। शासन स्तर पर ही यह योजना संचालित की गई है। - हिमांशु नगौई, खंड शिक्षा अधिकारी डीडीहाट।