थल (पिथौरागढ़)। सुंदर राम थल की रामलीला में सूर्पणखा का अभिनय करते हैं। 60 वर्षीय सुंदर राम को सूर्पणखा बनते हुए 42 साल हो गए हैं। आज भी उनके अभिनय के लोग कायल हैं। दर्जी का काम कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले सुंदर राम का कहना है कि उनको सूर्पणखा का पात्र सबसे अच्छा लगता है। सूर्पणखा रावण की बहन होती है, वह लक्ष्मण को रिझाने के लिए कई प्रकार के करतब दिखाती है। बाद में लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं।
सुंदर राम में अभिनय और गायन की पूरी क्षमता है। वह राग जैजेवंती, खमाज, रागिनी पर आधारित गीतों को बेहतरीन ढंग से गा लेते हैं। रामलीला में वह जब सूर्पणखा का रोल निभाते हैं तो मेरा रूप देखकर चंद्रमा शरमा गया और छुप गया गीत गाकर लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर देते हैं।
सुंदर राम सुलोचना का पाठ भी खेलते हैं। मेघनाद की पत्नी सुलोचना बनकर जब वह अभिनय करते हैं तो माहौल जीवंत हो जाता है। सुंदर राम कहते हैं कि अभी वह कई वर्षों तक रामलीला में अभिनय करेंगे। उनका कहना है कि रामलीला के हर पात्र का अपना महत्व होता है। हर पात्र के अभिनय का सही मूल्यांकन दर्शक कर लेते हैं। शायद इसीलिए सुंदर राम का अभिनय देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटती है।