पिथौरागढ़/गंगोलीहाट। समस्याओं का निराकरण नहीं होने से उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन में नाराजगी है। आशाओं ने शनिवार को डायरिया पखवाड़े का विरोध किया। गंगोलीहाट में आशाओं ने प्रदर्शन किया।
इसके बाद आशाओं ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपा। कहा कि आशा वर्कर की नियुक्ति मातृ-शिशु सुरक्षा के लिए की गई थी, इसमें गर्भवती का प्रसव एवं टीकाकरण और शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा शामिल थी। धीरे-धीरे आशाओं पर कई कार्य थोप दिए गए हैं, जबकि वेतन के नाम पर सामाजिक कार्यकर्ता बता दिया जाता है।
आशाओं ने न्यूनतम मासिक वेतन देने, आशाओं को गांव में ही रहने वाले आदेश वापस लेने, आशा कंडोम के वितरण पर रोक लगाने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष इंद्रा देउपा, पिंकी कलौनी, बबीता देवी आदि शामिल थीं। उधर, गंगोलीहाट में उमा मेहरा, मंजू देवी, सुलोचना देवी, हेमा देवी, कमला देवी, मुुन्नी देवी, ललिता खाती आदि ने डायरिया पखवाड़े का विरोध किया।