पिथौरागढ़। उद्यान विभाग जिले में पहली बार पर्सिमोन (काकू) फल की बागवानी के लिए किसानों को प्रेरित करेगा। जापानी फल काकू की विशेष मीठे स्वाद के कारण बाजार में अच्छी मांग रहती है। जिले के मूनाकोट ब्लॉक के गंगसेरी, सीरड़, बिसाबजेड़, भौड़ी में इसके पौध लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना के तहत 5.80 लाख रुपये की लागत से दो हेक्टेयर में पर्सिमोन का उत्पादन किए जाने के प्रस्ताव प्रस्तावित है। इसके तहत विभाग लगभग 100 काश्तकारों को लाभान्वित करने की योजना बना रहा है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत में मूनाकोट विकासखंड के विभिन्न गांवों में काकू फल का ट्रायल किया जा रहा है। यदि उत्पादन अच्छा होता है तो अन्य गांवों में भी इसकी बागवानी के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस फल में तमाम औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। इसके चलते बाजार में पर्सिमोन फल की अच्छी मांग है। इससे किसानों की आर्थिकी में सुधार होगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
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मोस्टामानू में है काकू फल का बाग
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के मोस्टामानू स्थित हैदर गार्डन में काकू का उत्पादन होता है। गतिशील काश्तकार और किसान श्री सम्मान से सम्मानित इकबाल बख्श ने काकू का बगीचा तैयार किया है। रामगढ़ से लाकर उन्होंने 150 पौध लगाए। इन पेड़ों से वर्तमान में अच्छा उत्पादन हो रहा है। उनके बाग में उत्पादित काकू स्थानीय स्तर पर ही बिक जाता है। संवाद
काकू फल के लाभ-
काकू फल हृदय, नेत्र के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन ए, सी, फाइबर के साथ काफी पोषक तत्व पाए जाते हैं।
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काकू फल का उत्पादन विभाग का नवीनतम प्रयास है। इससे काश्तकारों के आय में भी काफी वृद्धि होगी। शासन से प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही शीघ्र फल उत्पादन के कार्य को प्रारंभ किया जाएगा। - अभिनव कुमार, मुख्य उद्यान अधिकारी, पिथौरागढ़