देवप्रयाग। टिहरी बांध में भागीरथी का जल रोके जाने के बाद ग्रामीण एक माह से जल संकट से जूझ रहे थे, लेकिन अब मुनेठ सजवाण कांडा पंपिंग योजना के लिए तीन किमी दूर बने मिनी ट्यूबवेल से जलापूर्ति शुरू हो गई है।
बीते एक जून को टिहरी बांध से भागीरथी का जल रोके जाने के बाद यहां मुनेठ सजवाण कांडा पंपिंग योजना से जुड़ी 10 ग्राम पंचायतों की जलापूर्ति ठप थी। जल संस्थान द्वारा भागीरथी में पोखर बनाकर पाइपों के जरिये मेन टैंक तक पानी पहुंचाया गया, लेकिन इससे सुचारू रूप से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। टीएचडीसी की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए यहां जल संस्थान को सहयोग दिया गया, जिसमें योजना के मेन टैंक के निकट डीप बोरिंग की गई। लेकिन उसमें पानी नही निकल पाया।
इसके बाद तीन किमी दूर राजमार्ग स्थित भुइट गदेरे से करीब 150 मीटर बोरिंग कर पानी निकाला गया। यहां मिनी ट्यूबवेल स्थापित कर तीन इंच पानी बीते सोमवार को मेन टैंक तक पहुंचाया गया। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नरेश पाल सिंह के अनुसार मुनेठ सजवाण कांडा पंपिंग योजना से जुड़े एक दर्जन से अधिक गांवों के लिए बुधवार से पूरी तरह से जलापूर्ति शुरू हो गई है। यह व्यवस्था भागीरथी में पानी छोड़े जाने तक जारी रहेगी।