देवप्रयाग। धर्म और आस्था की संगम स्थली देवप्रयाग में देवउठनी एकादशी का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। चार माह की लंबी योग निद्रा के बाद भगवान विष्णु के जाग्रत होने की खुशी में तीर्थनगरी भक्ति के रंग में रंग गई। इस अवसर पर भगवान नारायण (शालिग्राम) का माता तुलसी के साथ वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया।
एकादशी पर श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर तुलसी और शालिग्राम का विशेष पूजन किया। मंदिरों और घरों में महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के साथ भगवान विष्णु के जागने का आह्वान किया। पूजन के दौरान, तुलसी के पौधे को लाल चुनरी ओढ़ाकर सामग्री, मिष्ठान्न और फल अर्पित किए गए। श्रद्धालु महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर सुख, सौभाग्य और अखंड सुहाग का आशीर्वाद मांगा।