बैकुंठ चतुर्दशी मेले के नाम पर लगी दुकानों का संचालन बंद नहीं होने पर स्थानीय व्यापारियों ने आक्रोश जताया। विरोध में व्यापारियों ने मेला स्थल पर पहुंचकर दुकानों को जबरन बंद कराया। इस पर मेला दुकानदारों व व्यापारियों की बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम ने निर्धारित दिन से अधिक दिन तक दुकानें संचालित करने पर 27 दुकानदारों के चालान किया। साथ ही कई का सामान भी जब्त किया।
बुधवार को जिला व्यापार सभा के अध्यक्ष वासुदेव कंडारी, व्यापार सभा श्रीनगर के अध्यक्ष दिनेश असवाल, डांग व्यापार सभा अध्यक्ष सौरभ पांडेय ने व्यापारियों के साथ मेला स्थल पर पहुंचकर मेला दुकानदारों को दुकानें बंद कराने को कहा जिस पर मेला दुकानदारों ने छह दिसंबर तक दुकान संचालित कराए जाने का समय मिलने की बात कही।
व्यापारियों ने कहा कि लिखित में पांच दिसंबर तक ही दुकानें संचालित कराए जाने का अनुबंध हुआ था, बावजूद मेले में दुकानें बुधवार को भी संचालित होती रही। उन्होंने कहा कि सुबह से ही वह दुकानदारों को दुकानें बंद कराए जाने का अनुरोध कर रहे थे लेकिन मेला दुकानदार मानने को तैयार नहीं हुए। जिस पर सख्ती बरतनी पड़ी।
मौके पर पहुंचे नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी व स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार के साथ पहुंची निगम की टीम ने दुकानों का सामान जब्त किया। इस पर मेला दुकानदार भड़क गए। निगम की टीम 27 दुकानदारों का चालान किया। मेला दुकानदार मो. वसीम, घनश्याम, नसीम, मुनाजिर ने कहा कि स्थानीय व्यापारी व निगम की टीम ने दुकानदारों का सामान जब्त किया व उनके जबरन चालान काट दिए। कहा कि पांच दिसंबर को देर रात तक मेला संचालित होने के बाद बुधवार को वह अपना सामान समेट रहे थे। निगम के स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार ने कहा कि जबरन दुकानें संचालित करने पर 27 चालान काटे गए।