ब्लाक मोरी के बंगाण क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि से काश्तकारों की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज मुआवजा दिए जाने के साथ ही कृषि ऋण माफ करने की मांग की है। वहीं श्रीनगर में ओलावृष्टि से एक पेड़ की टहनी टूटकर कार पर गिर गई जिससे बिजली सप्लाई बाधित हो गई वहीं एक स्कूल के भवन की छत के आगे का हिस्सा भी टूट गया।
ब्लाक मोरी के बंगाण क्षेत्र के चीवा, जागटा, मौंडा, ब्लावट, झोटाड़ी, गोकुल, माकुड़ी, डगोली, दुचाणू, किराणू, थुनारा, रौधार आदि गांव में मंगलवार शाम को भारी ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी क्षति पहुंची है। बंगाण क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन चौहान ने बताया कि करीब 30 मिनट तक हुई ओलावृष्टि ने बागवानी को तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर काश्तकारों को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के काश्तकारों ने बागवानी के लिए कृषि ऋण ले रखा है, लेकिन ओलावृष्टि के कारण सेब की फसल चौपट होने से काश्तकारों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने काश्तकारों का कृषि ऋण माफ करने की मांग भी की।
वहीं श्रीनगर में मूसलाधार बारिश से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम खुशनुमा हो गया। इस दौरान जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं जंगलों की आग भी बुझ गई। बुधवार शाम को मूसलाधार बारिश के साथ ही जमकर ओलावृष्टि हुई, जिससे पौधों को काफी नुकसान पहुंचा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गेहूं व प्याज की फसल के साथ ही आडू, पुलम, खुमानी सेब आदि को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा जीजीआईसी श्रीनगर के भवन की छत के आगे के हिस्से का लेंटर टूट गया। गनीमत यह रही कि इस दौरान विद्यालय में अवकाश रहा। अन्यथा बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। वहीं दूसरी ओर कलियासौड़ में एक कार के ऊपर पेड़ की टहनी टूटकर गिर गई, जबकि इस दौरान नगर में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। वहीं बारिश से नगर में नालियां चोक होने से पूरा पानी सड़कों पर फैल गया, जिस कारण लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया।
मौसम ने बदली करवट, धुंध से मिली राहत
मुख्यालय में बुधवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली। सुबह बादल छाए रहे दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। बारिश से जंगल की आग से फैली धुंध से राहत मिल गई। बारिश से जंगलों में लगी आग भी काफी बुझ गई। साथ ही लोगों को गर्मी से भी राहत मिली है। संवाद