पौड़ी। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से जिले में संस्कृत माह कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को कार्यक्रम के तहत वर्तमान परिपेक्ष्य में ‘संस्कृत भाषा की प्रासंगिकता विषय’ पर वर्चुअल गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने संस्कृत को समृद्ध भाषा बताते हुए इसके वैज्ञानिक पहलुओं पर जानकारी दी।
शनिवार को वर्चुअल गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि संस्कृत शिक्षा निदेशक एसपी खाली ने किया। इस मौके पर खाली ने कहा कि संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है। वर्तमान दौर में इसकी महत्ता को सभी स्वीकार कर रहे हैं। बावजूद इसके संस्कृत भाषा में निहित ज्ञान-विज्ञान को प्रचार-प्रसार की बहुत आवश्यकता है। मुख्य वक्ता प्रो. विजयकर्ण विभागाध्यक्ष विहिमवि अमीनाबाद लखनऊ ने संस्कृत भाषा, साहित्य व इतिहास की जानकारी दी। उत्तराखंड संस्कृत भाषा संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. नागेंद्र ध्यानी संस्कृत भाषा के प्राचीन ज्ञान-विज्ञान को आधुनिकता से जोड़ने की बात कही। विशिष्ट अतिथि संस्कृत संस्थान देवप्रयाग के निदेशक प्रो. केवी सुब्बारायडु, गढ़वाल विवि के डॉ. आशुतोष गुप्त, सीईओ पौड़ी मदन सिंह रावत, सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा डॉ. वाजश्रवा आर्य आदि ने संस्कृत भाषा के उत्थान व विकास पर विचार रखे। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षा समिति पौड़ी के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कोटियाल, संस्कृत शिक्षा अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. प्रेमचंद्र शास्त्री, अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल, राज्य संयोजक डॉ. हरीश गुरुरानी, जिला संयोजक रौशन गौड़ आदि मौजूद रहे।