फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुपकार घोषणा केवल कुर्सी हासिल करने का स्टंट : राम माधव

विज्ञापन
श्रीनगर में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करते महासचिव राम माधव
विज्ञापन
श्रीनगर। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने दो दिवसीय दौरे में जम्मू-कश्मीर की सियासी नब्ज टटोली। भाजपा नेताओं से मुलाकात की। दूसरे दिन उन्होंने कहा कि गुपकार घोषणा केवल कुर्सी हासिल करने का स्टंट है। ऐसे ही जनमत संग्रह का नारा शेख अब्दुल्ला ने भी दिया था और कुर्सी हासिल करने के बाद वे चुप करके बैठ गए।
विज्ञापन

भाजपाइयों से मुलाकात के दौरान राम माधव ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके हर एक मुद्दे पर गौर किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो खाली वार्ड को लेकर पंचायती चुनाव करवाने थे, अब वो सितंबर-अक्तूबर में कराए जाएंगे। शुक्रवार को श्रीनगर के स्टेट गेस्ट हाउस में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ जिला स्तर के कार्यकर्ताओं और अध्यक्षों से राम माधव ने बैठ की। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह बैठक करीब 12 बजे शुरू हुई और दोपहर करीब ढाई बजे तक जारी रही। इस दौरान भाजपाइयों ने पेश आने वाली दिक्कतों और अन्य कई मसलों को सामने रखा। भाजपा नेता सोफी यूसुफ की ओर से घाटी में भाजपा नेताओं को पेश आने वाली समस्यों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। इसमें कार्यकर्ताओं को सुरक्षा मुहैया करवाने के साथ-साथ सुरक्षित रहने की जगह मुहैया करवाने जैसे अहम मुद्दे शामिल थे। बैठक में अशोक कौल, सुनील शर्मा, विबोध गुप्ता, अलताफ ठाकुर, अंदराबी अली, मोहम्मद मीर आदि शामिल रहे। राम माधव शाम करीब साढ़े चार बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
370 को भूल जाना चाहिए : मंजूर भट
नेकां के मियां अल्ताफ के जारी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता मंजूर भट ने कहा कि राम माधव का कद सियासत में इतना ऊंचा है कि उनसे मिलने के लिए लोग अनुमति लेते हैं। मियां अलताफ जैसे नेता को कहां उनसे मिलने के लिए लिए बुलावा भेजा जाएगा। भट ने कहा कि इन क्षेत्रीय दलों को अनुच्छेद 370 के मुद्दे को भूल जाना चाहिए, क्योंकि वो वक्त बीत गया। इस बीच भट ने राम माधव की अलताफ बुखारी, उस्मान मजीद, मुजफ्फर बेग से मुलाकात की बेबुनियाद खबरों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि राम माधव की किसी से भी मुलाकात नहीं हुई। दरअसल मिया अल्ताफ ने कहा था कि भाजपा नेता खालिद जहांगीर ने शुक्रवार को फोन कर उन्हें बताया था कि राममाधव उनके घर पर मिलने आ रहे हैं। मैंने उन्हें कहा था कि घर पर आने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि ुनका भाजपा से कोई लेना देना नहीं है। इस बाबत उन्होंने खालिद के फोन पर मैसेज भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें