जनपद चमोली के रक्षा मेडल विजेता एक पूर्व सैनिक देवराम की विरासत खतरे की जद में आ गई है। मींग गदेरा-करचूूड़ा मोटर मार्ग के कटान में दिवंगत पूर्व सैनिक के मकान में दरारें आ गई हैं। मुआवजे के लिए पूर्व सैनिक का बेटा भटकने के लिए मजबूर है। वहीं गढ़वाल मंडल आयुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए चमोली जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
जनपद जिले के ब्लाक नारायणबगड़ की ग्राम पंचायत खैनोली में स्यूंटा गांव है, जिसे मींग गदेरा-करचूड़ा मार्ग से यातायात से जोड़ा गया, लेकिन कार्यदायी संस्था के कार्य से स्यूंटा गांव के एक पूर्व सैनिक के मकान को खतरा हो गया है। स्यूंटा गांव निवासी पूर्व सैनिक के बेटे पुरुषोत्तम प्रसाद ने इस संबंध में आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों से शिकायत की। उन्होंने बताया कि नौ किमी मींग गदेरा-करचूड़ा मार्ग का कटान कार्य लंबे समय से चल रहा है। अप्रैल 2017 तक सड़क निर्माण कार्य लोनिवि थराली ने किया जबकि मई 2017 से निर्माण कार्य का जिम्मा पीएमजीएसवाई देख रहा है। कहा कि निर्माण के दौरान कटान के लिए विस्फोटकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे गांव में कई मकान खतरे की जद में हैं। कहा कि देश में एक ओर शहीद व पूर्व सैनिकों का सम्मान किया जा रहा है, दूसरी ओर एक पूर्व सैनिक के परिवार को मुआवजे तक के लिए भटकना पड़ रहा है। मामले में आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार ने डीएम चमोली को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि ग्रामीण के क्षतिग्रस्त मकान, फलदार पेड़ों और भूमि का प्रतिकर देने को लेकर डीएम चमोली को जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
पीएमजीएसवाई व लोनिवि बता रहे एक-दूसरे का मामला
पौड़ी। नारायणबगड़ ब्लाक में मींग गदेरा-करचूड़ा मार्ग के निर्माण के लिए पीएमजीएसवाई और लोनिवि एक दूसरे का बता रहे हैं। लोनिवि थराली के ईई अजय काला ने बताया कि खैनोली ग्राम पंचायत के आधे हिस्से तक सड़क का निर्माण कार्य लोनिवि ने किया, जिस हिस्से में शिकायतकर्ता ग्रामीण का मकान है वह पीएमजीएसवाई की ओर से की गई कटिंग क्षेत्र में है। वहीं पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग के ईई प्रमोद गंगगाड़ी ने कहा कि पीएमजीएसवाई के पास खैनोली पंचायत के बाद का निर्माण कार्य है। संवाद