पौड़ी। केंद्रीय बजट- 2025 आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित एक व्यापक रणनीति प्रस्तुत करता है। जिसमें कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, कराधान, बुनियादी ढांचे व व्यापार को सुगम बनाने के लिए प्रमुख सुधारों की घोषणा की गई है।गढ़वाल केंद्रीय विवि के बीजीआर कैंपस पौड़ी के अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक बिपिन कुमार ने बताया कि केंद्रीय बजट में शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार को लेकर बढ़ा बदलाव किया गया है।
जिसमें अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित करने की योजना है। इससे नवाचार और स्टेम शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 10,000 मेडिकल सीटों की बढ़ोतरी व पांच साल में 75,000 सीटों का लक्ष्य रखा गया है। जिससे कि देश में चिकित्सकों की कमी को दूर किया जा सकेगा। लघु उद्योगों और स्टार्टअप के लिए सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा दिया है। बजट में शीर्ष- 50 पर्यटन स्थलों के विकास की योजना बनाई गई है।
मध्यम वर्ग को कर में दी गई राहत
मध्यम वर्ग के लिए बजट की कर नीति में विशेष राहत दी गई है। जिसमें 12 लाख तक की आय पर कोई आयकर देय नहीं होगा। जबकि नए कर स्लैब के तहत दरें कम व और सीमा बढ़ाई गई है। व्यापार को आसान बनाने के लिए सरकार जन विश्वास विधेयक 2.0 लाने की योजना बना रही है। हस्तशिल्प क्षेत्र को समर्थन देने के लिए 9 नए उत्पादों को शुल्क मुक्त इनपुट की सूची में जोड़ा गया है। जिससे कारीगरों व पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
क्या कहते हैं व्यापारी
बजट नौकरी के अवसर बढ़ाने, कर राहत देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और व्यापार को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। - विनय शर्मा, अध्यक्ष व्यापार सभा पौड़ी।
केंद्रीय बजट में होम स्टे को मुद्रा योजना से जोड़ा गया है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में होमस्टे जैसी योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। होमस्टे अब और अधिक अपग्रेड किए जा सकेंगे। जिससे पर्यटन की गतिविधियां भी बढ़ेगी। -बुद्धिवल्लभ पंत, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन, पौड़ी।