देवप्रयाग। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार की रात देवप्रयाग के निवासियों और खगोल प्रेमियों को एक अनोखी और यादगार खगोलीय घटना से रूबरू होने का अवसर मिला। साल का आखिरी सुपर मून पहाड़ की चोटियों से उदय हुआ, जो अपनी असाधारण चमक और भव्यता के कारण आकर्षण का केंद्र रहा।
खगोल एवं ज्योतिषविद् आचार्य भास्कर जोशी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन दिखाई दिया यह सुपर मून, सामान्य चंद्रमा की तुलना में कई मायनों में विशेष था। यह खगोलीय घटना तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकटतम दूरी पर होता है। बुधवार को पृथ्वी की निकटतम दूरी पर होने के कारण चंद्रमा सामान्य आकार से लगभग 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकदार दिखाई दिया। प्रकृति के इस अनोखे दृश्य को अपने कैमरों और मोबाइल फोन में कैद करने के लिए खगोल प्रेमी रात भर उत्साहित रहे। कई लोगों ने चंद्रमा की पूरी चमक देखने के लिए आधी रात तक इंतजार किया।