हिंडोलाखाल क्षेत्र के दुरोगी गांव में मारा गया गुलदार आदमखोर निकला। पोस्टमार्टम मेें गुलदार के पेट से महिला के बाल निकले। साथ ही उसके शरीर के पिछले हिस्से से राइफल के छर्रे मिले। हालांकि उसके घाव भर चुके थे। आशंका है कि शरीर में छर्रे धंसे होने के कारण गुलदार आक्रामक हुआ होगा। वहीं, प्रभावित गांव में लोगों ने गुलदार के देखे जाने और उसकी दहाड़ सुनाई देने की शिकायत की है। वन विभाग ने सुरक्षा को देखते हुए शूटर जहीर बख्शी और वन विभाग की दो टीम को गांव में तैनात किया है।
एक हफ्ते में दो महिलाओं को मारने और एक महिला को घायल करने वाले गुलदार को शिकारी जहीर ने मंगलवार को तीसरे हमले के साढ़े पांच घंटे बाद मार गिराया था। इसके बाद पशु चिकित्सक प्रीति पंत और डा. सूरज बलोदी की टीम ने मृत गुलदार का पोस्टमार्टम किया। गुलदार के पेट से महिला के बाल निकले। डॉक्टरों ने उसके पिछले हिस्से से छर्रे भी निकाले। जो संभवत: अवैध शिकार करने वालों ने चलाए होंगे।
इधर, दुरोगी व छाम गांव में अब भी गुलदार की दहशत कम नहीं हुई है। मंगलवार पूरी रात दुरोगी गांव में गुलदार की दहाड़ से ग्रामीण सहमे रहे। ग्राम प्रधान दुरोगी ओमप्रकाश ने बताया कि गुलदार को यहां मृत गुंदरी देवी व ग्रामीण उम्मेद सिंह के घर के आसपास घूमते देखा गया। बुधवार सुबह घास लेने गई महिलाएं भी गांव के नीचे गुलदार की आहट सुनकर घर लौट आईं। वहीं वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र पुंडीरा का कहना है कि क्षेत्र में मादा गुलदार व उसके शावकों के होने की संभावना है। नर के मारे जाने से मादा गुलदार काफी आक्रामक हो सकती है। ऐसे में सभी को सावधान किया गया है। मृत गुलदार के शरीर के अंदर छर्रे मौजूद थे। इस वजह से उसको चलने-फिरने में दिक्कत हो रही होगी। इससे वह ज्यादा हिंसक हो गया होगा। उन्होंने बताया कि तीन घटनाओं मेें मृत गुलदार के शामिल होने की पुष्टि हो गई है। मृत गुलदार के पद चिह्न और महिला को घायल करने वाले गुलदार के पद चिह्न एक समान हैं।