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कोविडकाल के बाद पहली बार हुआ मेले का आयोजन

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बूंखाल मंदिर परिसर में मेले के दौरान इस तरह उमड़ी श्रद्घालुओं की भीड़। - फोटो : PAURI
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कोविडकाल के बाद पहली बार शनिवार को जिले के सुप्रसिद्ध बूंखाल मेले का आयोजन किया गया। बूंखाल मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बूंखाल कालिंका माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद लिया जबकि क्षेत्र के दस गांवों से देव डोलियां मंदिर में आईं। मेले में पद्मश्री प्रीतम भरतवाण के जागरों की धूम रही। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी मंदिर पहुंच कालिंका माता की आराधना की।
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बूंखाल कालिंका माता मंदिर परिसर में शनिवार को आयोजित एक दिवसीय बूंखाल मेले में जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने एक के बाद एक जागरों की प्रस्तुतियां दीं। भरतवाण ने बूंखाल कालिंका माता, जय माया राजराजेश्वरी, जय बोला श्याम सुंदरी माता, धवेडी लगोंदा राजी रखी मां सहित कई जागरों की प्रस्तुतियां दीं। की-बोर्ड पर सुरेंद्र, ढोलक पर सुभाष पांडे, ढोल पर विजेंद्र कुमार ने संगत दी। प्रीतम भरतवाण ने कहा कि बूंखाल कालिंका माता के मंदिर में प्रस्तुति देना अलौकिक क्षण है। उन्होंने मां से प्रदेश की सुख, समृद्धि व खुशहाली की कामना की। मेला समिति के अध्यक्ष गजे सिंह रावत ने बताया कि कोविडकाल के बाद पहली बार आयोजित मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश की खुशहाली व बेहतरी के लिए मां से प्रार्थना की है। गोदियाल की ओर से मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य लखपत भंडारी, जिपं सदस्य गणेश नेगी और प्रियंका रावत आदि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने फोन से किया संबोधित
स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत की पत्नी डा. दीपा रावत ने मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही परिसर में भंडारे का आयोजन किया। डा. धन सिंह रावत ने दूरभाष से संबोधन में क्षेत्र के विकास में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। वहीं उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय कोषाध्यक्ष मोहन काला भी मंदिर पहुंचे।
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